पावटा|Mahima Jain:शहर की सड़कों पर खिंची गई सफेद लाइन अब बेमानी साबित हो रही है। आलम यह है कि दुकानदारों में सड़कों पर सामान रखने की होड़-सी है। वहीं ठेले वालों की मनमर्जी से भी शहर की सड़कों पर आवागमन दिनों दिन दुरुह होते जा रहा है। शहर सड़कों पर ‘सौदा-गिरी’ से दिन में कई बार जाम की समस्या से लोग परेशान हैं। शहर के मुख्य बाजारों की सड़कों की हालत इन दिनों नासाज हैं। ऐसा नहीं कि सड़कों की स्थिति खराब है बल्कि सड़कों पर पसरा अस्थाई अतिक्रमण और बेतरतीब खड़े ठेले, दुपहिया एवं चारपहिया वाहनों की वजह से दिन में कई बार मुख्य चौराहों पर जाम लगने की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।

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आमजन को खासी दिक्कतों का सामना करना पढ़ रहा

इससे आमजन को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। शहर के मुख्य मार्ग सुभाष चौक चौराहा पर कुछे एक ठेले वालों की वजह से चारपहिया वाहन चालकों को ही नहीं दोपहिया वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वाले राहगीरो को भी खासी परेशानी से दो चार होना पड़ता है। सच तो यह है कि पुलिस प्रशासन इन रास्तो से आँख बंद कर दिन मे कई बार गुजरता है व उनकी तरफ से कोई भी कार्यवाही नही होने से ठेले वाले मनमानी करने से बाज नहीं आते। यहां ठेले वाले ही नहीं बल्कि स्वयं दुकानदार भी पालिका प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों की अवहेलना कर रहे हैं।

पालिका प्रशासन ने बकायदा दुकानदारों को सफेद लाइन के भीतर अपने एवं ग्राहकों के वाहन खड़े रखने एवं दुकान के बाहर सामानों का डिस्पले करने पर पाबंदी लगा रखी है। लेकिन व्यापारी पालिका के निर्देशों को ताक पर रख कर दिनभर सामानों की प्रदर्शनी सफेद लाइन के भीतर तो कहीं-कहीं सफेद लाइन के बाहर भी लगाने में अपनी शान समझते हैं। ऐसे में ठेले वाले इन दुकानों के बाहर मुख्य मार्ग पर खड़े होकर दिनभर आवागमन को प्रभावित करते रहते है। अतिक्रमी पालिका के नियमों को ठेंगा दिखाकर सामानों को सफेद लाइन से बाहर कूदाने में परहेज नहीं कर रहा। आखिर ऐसी नौबत से आमजन को कब राहत मिलेगी? यह यक्षप्रश्न की तरह शहर के समक्ष खड़ा है।