वृद्धा ने लगाई इच्छा मृत्यु की गुहार, 96 वर्षीय मां ने कहा कलयुगी बेटा और पोता मारते है मुझे

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। यह कलयुग है जनाब यहां रिश्ते नाते कोई मायने नहीं रखते, यहां पैसा ही सब कुछ है। रिश्तो को शर्मसार कर देने वाला मामला सरदारशहर में सामने आया है। यहां एक 96 वर्षीय वृद्धा श्रीरूदेवी जिससे सही से चला भी नहीं जाता है ना ही वह सही से सुन पाती हैं। उसने उपखंड कार्यालय पहुंचकर एसडीएम से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। वृद्धा का कहना है कि मेरे पुत्र व मेरा पोता मेरे साथ मारपीट करता हैं। वह आए दिन मुझे परेशान करते हैं जिससे क्षुब्ध होकर में इच्छा मृत्यु की मांग करती हूं।

वृद्धा ने बताया कि हमारे परिवार की हालत बहुत दयनीय थी। किराए के मकान पर रहकर मेहनत मजदूरी कर अपनी संतानों का पालन पोषण किया व शादी की। मेरी संतानों ने मेरी सेवा कभी नहीं की। 96 वर्षीय मां ने ज्ञापन में अपनी जिंदगी की पूरी कहानी लिख डाली। ज्ञापन में उन्होंने बताया कि उसकी शादी सरदारशहर निवासी मोहन लाल सोनी से हुई थी। शादी के बाद उसके तीन संताने हुई। जिनका नाम ओमप्रकाश, रामेश्वर लाल और जगदीश सोनी है। उनके परिवार की हालत शादी के वक्त अत्यंत दयनीय थी। जैसे तैसे दंपति ने स्थिति को भांपते हुए मजदूरी कर अपने बच्चों का पालन पोषण करते हुए उनकी शादी तक कर दी। 95 वर्षीय मां ने बताया कि वार्ड नंबर 19 में खाली जगह पर कब्जा कर वह झोपड़ा बनाकर रहती थी। जैसे-जैसे समय गुजरता गया तीनों लड़के अपने परिवार के साथ अलग हो गए और वह अकेली विवाह शादी में गीत गाकर अपना गुजारा करने लगी। उसने बताया कि उसके पोते श्याम सुंदर और उसकी बहू पूजा उसकी देखभाल करने में उनकी मदद करते हैं। लेकिन गत 5 वर्षों से वह उम्रदराज होने के कारण कुछ भी करने में सक्षम नहीं है। अपने बेटों को बुलाकर जब इस मां ने किसी एक को उसके पास रहने के लिए कहा तो तीनों बेटे मां के पास रहने से मुकर गए। एक वर्ष पहले जब वह ज्यादा बीमार हो गई तो उसने अदालती कार्रवाई की।

जिससे नाराज होकर बेटे ओम प्रकाश ने उसे घर से निकाल दिया। और बोले यह घर हमारा है हमने इस जमीन के कागजात भी बनवा दिए हैं। बूढ़ी मां ने रोते हुए उम्र का हवाला दिया और बोली यह आशियाना उसने बनाया है और इसी आशियाने में वह अंतिम सांस लेना चाहती है पर बेटों ने कुछ नहीं माना और बोले तू 96 साल की हो गई तुझे मरना ही होगा। भगवान तुझे अपने पास नहीं बुलाना चाहता वरना तू कब की मर गई होती। आसपास के लोगों ने समझाइश की तो मां एक बार फिर अपने आशियाने में रहने लगी। लेकिन कुछ दिन बाद बेटा ओमप्रकाश व पोता ने एक राय होकर अपनी मां के साथ मारपीट की घर का सामान बाहर फेंक कर मां को भी घर से निकाल दिया। अब 96 वर्षीय मां अपने पोते व उसकी पत्नी के साथ रहने लगी। लेकिन बेटे ओमपकाश को यह रास नहीं आया और बेटे मां व पोते को परेशान करने लगे। मां ने बताया कि पुलिस थाने में जुटी रिपोर्ट देकर तीनों को परेशान करते हैं। अब थक हार कर 95 वर्षीय बूढ़ी मां ने राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई है। इस दौरान वृद्धा के साथ उसके पड़ोसी रहे।