राजस्थान में 3 विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में आज मतगणना के बाद भाजपा ने जहां अपनी प्रकाशित राजसमंद पर अपना कब्जा बरकरार रखा और कांग्रेस को छीने ने नहीं दिया वही रायपुर सहाड़ा और सुजानगढ़ विधानसभा सीट पर कांग्रेसमें अपना कब्जाबरकरार रखा और इन दोनों सीटों को भाजपा को छीनने का मौका नहीं दिया इस तरह 3 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव में ना कांग्रेस हारी न भाजपा जीती मतलब न हम हारे न तुम जीते कांग्रेस ने दोनों सीटें पुन जीतकर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जन्मदिन से एक दिन पहले जन्मदिन का तोहफा दे दिया ।रायपुर- सहाडा विसभीलवाड़ा जिले की रायपुर सहाड़ा विधानसभा क्षेत्र के हुए उपचुनाव में कांग्रेस के दिवंगत पूर्व विधायक कैलाश त्रिवेदी की पत्नी गायत्री देवी त्रिवेदी ने भाजपा के पूर्व मंत्री और बीज निगम बोर्ड के अध्यक्ष रतन लाल जाट को 42000 मतों से अधिक हराकर सीट पर अब कब्जा बरकरार रखा है यहांभाजपा को आपसे अंतर कल है और सूट तथा व्यापारी लादूराम पिपलिया की बगावत और भाजपा नेताओं के धमकी भरे बोल काफी महंगे पड़ गए जहां एक और इस सीट पर राजस्थान के चिकित्सा एवं सूचना प्रसारण मंत्री तथा जिले के प्रभारी रघु शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी वहीं दूसरी ओर डॉ रतन लाल जाट की इस करारी हार के बाद अब एक और यह स्पष्ट हो गया की जाट का परिवार यहां से भाजपा को जीत दिलाने में सक्षम नहीं रहा और इसी के साथ ही भाजपा काजातिवाद का कार्ड खेलना जाट मतदाताओं के भाव लेता को देखते हुए जाट को वोट देना यह भी आगामी चुनाव के लिए एक तरफ से भी राम सा लग गए हैं यानी कि अब भाजपा को इस विधानसभा सीट पर जातिवाद को ध्यान में रखकर प्रत्याशी का चयन करने से पहले सौ बार सोचना होगा।राजसमन्द विसमेवाड़ की इस सीट पर जो भाजपा की परंपरागत सीट मानी जाती है इस सीट पर दिवंगत विधायक किरण माहेश्वरी की बेटी दीप्ति माहेश्वरी ने मार्बल व्यवसाई तनसुख बोहरा को 5165 से भी अधिक मतों से हराकर इस सीट पर भाजपा का और अपनी मां का कब्जा बरकरार रखा है । दीप्ति माहेश्वरी 5 हजार 165 मतों से विजय हासिल की । भाजपा की दीप्ति माहेश्वरी को मिले 74 हजार 131 मत और कांग्रेस के तनसुख बोहरा को 68 हजार 966 मत मिले ।जहां एक और इस सीट पर राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी तो वहीं भाजपा की ओर से पूर्व गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया की प्रतिष्ठा भी दांव पर लगी हुई थी हालांकि आंशिक रूप से यह माना जा रहा था कि कटारिया गुट माहेश्वरी गुट के वर्चस्व को अब विराम लगाना चाहता है लेकिन ऐसा नहीं हुआ और वही गुलाब चंद जी कटारिया द्वारा चुनाव के दौरान मेवाड़ के शिरोमणि महाराणा प्रताप के लिए बोले गए शब्दों को लेकर राजपूत समाज में काफी विरोध भी रहा लेकिन राजपूत समाज के नेताओं के ऑडियो वीडियो जारी हुए थे इसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि हमारा विरोध गुलाबचंद कटारिया से है भाजपा से नहीं और किरण माहेश्वरी से नहीं किरण माहेश्वरी हमारी बड़ी बहन थी इसी से ही स्पष्ट हो गया था कि यहां दीप्ति माहेश्वरी की जीत होगी ।

सुजानगढ (चुरू) इस विधानसभा सीट से कांग्रेस के दिवंगत विधायक और मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल के बेटे मनोज मेघवाल ने ने आरपीएल राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी को लगभग 20,000 से अधिक वोटों से हराया यहां सबसे बड़े आश्चर्य की बात यह रही कि भाजपा के प्रत्याशी खेमाराम मेघवाल तीसरे नंबर पर है यानी कि इस विधानसभा सीट पर मुख्य मुकाबला कांग्रेश और आरपीएल के बीच हुआ