कोटा – कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका ने संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सराहनीय कार्य किया। मानवता की इस सेवा के लिए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने पत्र के माध्यम से उनका साधुवाद करते हुए एक भेंट भी भेजी है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने यह पत्र और भेंट बुधवार को उन्हें सौंपे।लोकसभा अध्यक्ष बिरला ने पिछले दिनों संसदीय क्षेत्र की सभी एएनएम, आशा सहयोगिनी ,आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका से वर्चुअल माध्यम से संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष बिरला को बताया कि कोविड के दौरान आवागमन के साधन और रोगियों की जांच के संसाधन दोनों ही नहीं थे। ऐसी विषम परिस्थितियों में भी उन्होंने अपने घर वालों का सहयोग लेकर गांव-गांव में घर-घर जाकर सर्वे किया और संदिग्ध रोगियों को दवा की किट दी। इसके अलावा आमजन में कोरोना के प्रति जागरूकता का भी प्रयास किया। कई आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया था कि उनका कार्यक्षेत्र 20 से 25 किमी में फैला है, इसके बाद भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर भी कर्तव्य निभाया। बिरला ने इसके लिए एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की सराहना की थी। इसके बाद बिरला ने कोटा-बूंदी संसदीय क्षेत्र की 6 विधानसभाओं में ग्रामीण इलाकों में कार्यरत एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका को पत्र लिखकर उनकी सेवा भावना का सम्मान किया। इसके अलावा बिरला ने सभी एएनएम, आशा सहयोगिनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के लिए एक भेंट भी भेजी। बुदादीत क्षेत्र में सामाजिक कार्यकर्ताओं ने ग्राम पंचायत खेरूला के ग्राम खेरूला वह भूनेंण में कार्यरत एएनएम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, आँगनबाड़ी सहायका, आशा सहयोगनी व सहायिका को पत्र एवं भेंट सौंपे। इस दौरान सामाजिक कार्यकर्ता हरिकृष्ण मालव वह भानु सनीजा, रामावतार मीणा आदि मौजूद रहे।