रोता मजदूर व किसान, हताश बेरोजगार नौजवान और सोती केंद्र सरकार: मनोज दुबे

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। अखिल भारतीय बेरोजगार मजदूर किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज दुबे ने मोदी सरकार को हर मोर्चे पर पूरी तरह विफल बताते हुए कहा कि कोरोना महामारी, बढ़ती बेरोजगारी व आर्थिक मंदी से परेशान होकर देश में आज रोता मजदूर व किसान है। हताश बेरोजगार नौजवान है। दूसरी और इस संकट के समय में आम आदमी को राहत देने के स्थान पर सोती केंद्र सरकार है। देश में आज आम आदमी के बदतर हालात है।

दुबे ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने कोरोना की लड़ाई में मात्र 21 दिन का समय लोगों से मांगा था। लेकिन आज कई महीने बीतने के बाद भी कोरोना महामारी से आम आदमी अकेले जूझ रहा है। कोरोना महामारी में गरीब मजदूर बेरोजगार व किसान के घर पर चूल्हा कैसे जल रहा है। या नही जल रहा ये केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा सरकार को नही पता। रोज कोरोना को लेकर नई नई गाइडलाइन जारी की जा रही है। लेकिन कोरोना से रोजगार खो बैठे लोगों को नगद राहत की घोषणा आखिर क्यो नही हो रही जिसका पीड़ित लोगों को इंतजार है।

दुबे ने कहा कि मोदी सरकार ने लोगों को अच्छे दिनों का सपना दिखाकर खून के आंसू रोने पर मजबूर कर दिया आर्थिक मंदी, सुरसा के मुँह की तरह बढ़ती ही जा रही बेरोजगारी, काला बाजारी से बढ़ रही मॅहगाई से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया है। सबसे ज्यादा परेशान देश के करोड़ो बेरोजगार, मजदूर, किसान व रोज कमाने खाने वाले है। जिनके लिए मोदी सरकार ने पिछले 6 वर्षों में केवल झूठे “जुमले” देने के अलावा कुछ नही किया।

दुबे ने कहा कि कालाधन वापस लाकर देश के सभी लोगों के खाते में 15-15 लाख रुपये डालने का झूठा “जुमला” देने वाली मोदी सरकार कोरोना महामारी जैसे संकट के समय में भी लोगो को 15-15 हज़ार रुपये की नगद मदद तक नही कर पाई। पहले नोटबन्दी फिर जीएसटी ओर अब मजदूर व रोज कमाने खाने वालों के कामबंदी से देश का बेरोजगार मजदूर किसान व आमजन बेहद दुःखी व परेशान है।

दुबे ने कहा कि मोदी सरकार ने हर वर्ष 2 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने का झूठा वायदा कर पिछले 6 वर्षों में 12 करोड़ बेरोजगारों को रोजगार देने के स्थान पर रोज कमाने खाने वाले करोड़ो लोगों को बेरोजगार बनाकर दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर कर दिया। यही नहीं देश की नवरत्न सरकारी कंपनियों को निजी हाथों में सौप कर तेजी से रोजगार के अवसर समाप्त कर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे करोड़ो बेरोजगारों के सपनो पर पानी फेर दिया।

दुबे ने कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वायदा कर 3 किसान विरोधी बिल लाकर किसानों को बर्बादी के कगार पर पहुँचा दिया। किसानों को पुंजिपतियों का बधुआ मजदूर बनने पर मजबूर कर दिया।किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर की बात किसानों की उपज की लागत भी नही निकल रही। किसान ओने पौने दामों पर अपनी फसल बेचने को मजबूर है।

दुबे ने कहा कि भाजपा के कुशासन में आर्थिक मंदी, बढ़ती बेरोजगारी, घटती आमदनी व मंहगाई के बोझ से आम आदमी का जीना मुश्किल हो गया देश का किसान, बेरोजगार, मजदूर मजबूरी में आत्महत्या करने को मजबूर है। केंद्र व राज्यों में मिले अपार जनसमर्थन से भाजपा सरकार निरंकुश होकर जनविरोधी फैसले कर रही है। जिससे बेरोजगार मजदूर व किसान एवम आमजन तवाह ओर बर्बाद हो कर बधुआ मजदूर बनने को मजबूर है।