राजस्थान: होटलों में ठहरे विधायकों के वेतन भत्ते रोकने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर, जानिए क्या है मामला?

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बड़ा नाटक देखने को मिल रहा है। पिछले कई दिनों से गहलोत सरकार के विधायक बंद होटल में क्रिकेट खेलने, मूवी देखने के साथ साथ बढ़िया खाने का आनंद उठा रहे है। लेकिन इसी बीच अब जयपुर और मानेसर की होटलों में रूके विधायकों को वेतन भत्ते रोकने की मांग करते हुए राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस इंद्रजीत महांति पत्रकार जादौन की दायर याचिका पर 4 अगस्त मंगलवार को सुनवाई करेंगे।

बता दें कि पत्रकार विवेक सिंह जादोन की ओर से राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। पत्रकार जादोन की ओर से दायर कि गई इस याचिका में कहा गया है कि राज्य में कोरोना विपदा के चलते पहले से ही वित्तिय स्थिती ठीक नही है और पिछले दो सप्ताह से भी अधिक समय से भी 1ृ02 विधायक जयपुर और 19 विधायक गुडगाव और मानेसर की होटलो में रूके हुए है। ऐसे में विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र में जाकर जनहित के कार्य करने की बजाय निजी कारणों से होटल में रूके है। इसलिए उन्हे प्रतिमाह क्षेत्र के दौरे के लिए मिलने वाले विधायक के तौर पर सभी वेतन और भत्ते रोके जाये।

एक ही पार्टी के दो नेता लड़ रहे है जनता क्यों करे भुगतान:
जनहित याचिका में कहा गया कि है प्रदेश में एक ही राजनैतिक दल के दो नेताओं में आपसी प्रतिद्वदता के चलते जनता के धन का दुरूपयोग किया जा रहा है। ऐसे में बिना विधानसभा क्षेत्रों में जाये सरकार द्वारा उन्हे वेतन भत्ते और अन्य सुविधाए पुरी तरह से गलत है। याचिका में कहा गया कि फेयरमाउण्ट होटल में रूके मुख्यमंत्री खेमे के 102 विधायकों के साथ गुड़गाव या अज्ञात जगह पर रूके सचिन पायलट खेमे के 19 विधायकों को किसी भी तरह का भुगतान नही किया जाना चाहिए। क्योंकि जनता के प्रति वे अपने कर्तव्या का निर्वहन नही कर रहे है। साथ ही दायर याचिका में कहा गया कि कांग्रेस खेमें में राजनीति जारी है और सरकार अपने चहेते विधायकों पर बड़ी राशि खर्च कर रही है।

15 लाख प्रतिदिन खर्च किया जा रहा विधायकों पर:
साथ ही याचिका में कहा गया है कि सरकार अपने 102 विधायकों के लिए होटल में सुविधाओं के लिए प्रतिदिन 15 लाख तक का भुगतान कर रही है। वहीं अधिवक्ताओं की फीस के तौर पर 50 लाख तक खर्च कर रही है। सचिन पायलट खेमे के 19 विधायकों पर भी होटल से लेकर अधिवक्ताओं के लिए करोडों में राशि खर्च की जा रही है। याचिका में पिछले दो सप्ताह में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित हुई खबरों का संकलन भी पेश किया गया है।