जोधपुर शहर में पहला ब्रेथ बैंक या श्‍वास बैंक (Breath Bank) बनने जा रहा है. यहां कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रकोप से ऑक्सीजन (Oxygen) की भारी किल्लत देखने को मिल रही है. इसके चलते शहर के भामाशाह मिलकर पहले चरण में 500 ऑक्सीजन जनरेटर लगवा रहे हैं.जोधपुर शहर के समाजसेवी निर्मल गहलोत ने कोरोना संक्रमण के तेजी से हो रहे फैलाव और ऑक्सीजन की कमी से बढ़ रहे मौतों के आकड़ों को देखते हुए शहर में श्वास बैंक स्थापित करने की पहल की है. निर्मल गहलोत ने 25 ऑक्सीजन जनरेटर का ऑर्डर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अन्य भामाशाहों से श्वास बैंक स्थापित करने में आगे आने का अनुरोध किया है. निर्मल गहलोत की अपील पर देखते ही देखते कई उद्यमी आगे आए हैं. जल्द ही 500 ऑक्सीजन जनरेटर का श्वास बैंक स्थापित करने की योजना है.ऑक्सीजन जनरेटर से हर मिनट 5 लीटर ऑक्सीजन बनाई जा सकती है. यह इस्तेमाल करने में भी बहुत आसान है. यह बाहरी हवा से ऑक्सीजन जनरेट कर ऑक्सीजन सप्लाई करता है. इस ऑक्सीजन जनरेटर का कोई भी व्यक्ति आसानी से इस्तेमाल कर सकता है. कोरोना संक्रमण काल मे ये ऑक्सीजन जनरेटर पीड़ितों के लिए रामबाण साबित हो सकते हैं.समाजसेवी ने मुहिम शुरू की तो दूसरे भी आगे आए. उसके बाद इस मुहिम में अन्य समाजसेवी और भामाशाह को जोड़ने का सिलसिला शुरू हो गया. बुधवार को शुरू हुई इस मुहिम में अब तक 128 ऑक्सीजन जनरेटर का ऑर्डर दे दिया गया है. अगले 15 दिन में 500 ऑक्सीजन जनरेटर जोधपुर में मंगवाकर श्वास बैंक स्थापित कर दिया जाएगा. उम्मीद जतायी जा रही है कि उसके बाद जोधपुर शहर में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं रहेगी.