राजस्थान (Rajasthan) में पीने के पानी को लेकर संकट लगातार गहराता जा रहा है। और इसी बीच जल जीवन मिशन (Mission) को लेकर केंद्र (Central Government) और राज्य सरकार (State Government) एक बार फिर से आमने सामने हो गए हैं। राज्य सरकार (State Government) लगातार केंद्र (Central Government) से मांग कर रही है कि योजना का बजट (Budget) बढ़ाया जाए, लेकिन केंद्र सरकार ने अब तक कोई समाधान नहीं निकाला। ऐसे में यदि केंद्र और राज्य के बीच ऐसे विवाद चलता रहा तो यह मिशन तीन साल में भी पूरा नहीं हो पाएगा। दरअसल, राजस्थान (Rajasthan) में आ रही पीने के पानी की कमी को लेकर केंद्र सरकार (Central Government) ने जल जीवन मिशन चलाया जिसमें हर गांव में पानी के कनेक्शन जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, लेकिन राजस्थान के जलदाय मंत्री बीडी कल्ला ने सरकार के इस लक्ष्य पर सवाल उठा दिए हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि केंद्र सरकार से जितना बजट मिलना चाहिए उतना नहीं मिल पा रहा है। दरअसल 2013 से पहले राजस्थान के सामान्य जिलों को जल योजना के लिए 90 प्रतिशत और मरूस्थलीय जिले के लिए 100 फीसदी ग्रांट राशि मिलती थी, लेकिन अब केवल 45 प्रतिशत ही बजट मिल रहा है। इसी को लेकर मंत्री कल्ला का कहना है कि ”यदि केंद्र सरकार की ऐसी ही हठधर्मिता रही तो तीन साल में कैसे जल जीवन मिशन साकार हो पाएगा। राजस्थान (Rajasthan) में एक गांवों से दूसरे गांव की दूरी 90 से 100 किलोमीटर की दूरी है, ऐसे में एक गांव से दूसरे गांव को जोडना आसान नहीं होता।” यूपी बिहार में एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने में ज्यादा दिक्कत नहीं होती और राजस्थान वैसे भी मरूस्थलीय प्रदेश है. ऐसे में यहां पानी की समस्या ज्यादा है. इसलिए मंत्री बीडी कल्ला ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया है कि जल जीवन मिशन को साकार बनाने के लिए ग्रांट राशि बढाई जाए। इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने भी कहा है कि ”जल जीवन मिशन एक महत्त्वाकांक्षी परियोजना है। यह मिशन प्रदेश के लिए वरदान सिद्ध हो सकता है।” उन्होंने राज्य की पेयजल आपूर्ति परियोजनाओं में मिशन के फंड का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। ”मुख्यमंत्री (CM) ने कहा कि राजस्थान (Rajasthan) में सतही पानी बहुत कम है, जबकि मिशन में अधिकतर परियोजनाएं सतही पानी से ही संचालित होंगी. ऐसे में केन्द्र सरकार (Central Government) को प्रदेश की विशेष परिस्थितियों के दृष्टिगत मिशन के सफल क्रियान्चयन हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने पर विचार करना चाहिए।” बहराल वैसे राजस्थान इस साल जल जीवन मिशन में 40 फीसदी काम पूरा कर लेगा। ऐसे में देखना ये होगा कि क्या राजस्थान की पीडा को केंद्र सरकार समझ पाएगी या नहीं, क्योंकि ऐसा नहीं हुआ तो राजस्थान की जनता को समय पर इस योजना का लाभ नहीं मिल पाएगा।