जयपुर | Mahima Jain: राजस्थान के राजनितिक गलियारों मे एक बार फिर शोर सुनाई देने लगा है, गहलोत सरकार में एक से ज्यादा पद रखने वाले तीन मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया है, जिसे स्वीकार भी कर लिया गया है। इनके नाम हैं.. शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा, राजस्व मंत्री हरीश चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा। कल ही तीनों ने सोनिया गांधी को पत्र भेजकर इस्तीफे देने की पेशकश की थी। तीनों नेताओं के पास अब संगठन में पद रह गए हैं। डोटासरा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं, हरीश पंजाब और रघु गुजरात कांग्रेस प्रभारी हैं। इन सभी ने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत के चलते तीनों ने इस्तीफा दिया है।

ताजा इस्तीफों को मिलाकर अब गहलोत मंत्रिमंडल में 12 पद खाली हो गए हैं।गहलोत के नए मंत्रिमंडल में फेरबदल का खाका बन चुका है। कल शपथ ग्रहण का समय तय हो गया है। राजभवन को औपचारिक तौर पर सूचना भी दे दी गई है। राजभवन में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। राज्यपाल कलराज मिश्र आज शाम जयपुर लौटेंगे। कोविड के कारण शपथ ग्रहण में ज्यादा भीड़ नहीं की जाएगी।

दिल्ली से आया फ़ोन

आलाकमान से फोन आने के बाद दिए इस्तीफे प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने कल रात ही साफ कर दिया था कि इस्तीफे मंजूर ही समझे जाएं। कल शाम काे ही तीनों मंत्रियों ने इस्तीफे भिजवाए थे, इसके लिए तीनों के पास दिल्ली से फोन आए थे। तीनों के इस्तीफे के लेटर सोनिया गांधी और सीएम अशोक गहलोत के पास भेजे गए थे, जिन्हें मंजूर कर लिया गया। वही शाम को मंत्री परिषद में और इस्तीफे संभव होने की सम्भावना जताई जा रही

CM के आवास पर शाम 5 बजे मंत्रणा

शाम को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मंत्री परिषद की बैठक बुलाई है, इस बैठक में सभी कैबिनेट और राज्य मंत्रियों को बुलाया गया है। इस बैठक में कई और मंत्रियों के भी इस्तीफे लिए जा सकते हैं। चर्चाओं के अनुसार करीब 4 मंत्रियों के इस्तीफे और लिए जा सकते हैं, शाम तक इस बारे में तस्वीर साफ हो जाएगी।

माकन-गहलोत के बीच मंत्रणा

मंत्रिमंडल फेरबदल से पहले प्रदेश प्रभारी अजय माकन और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच लंबी चर्चा हुई है। इसमें मंत्रिमंडल फेरबदल के फॉर्मूला और शपथ ग्रहण पर चर्चा हुई है। नए संसदीय सचिव बनाए जाने और राजनीतिक नियुक्तियों पर भी बात हुई है।

एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की पालना

वही डोटासरा बोले, एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत की पालना में इस्तीफे दिए संगठन के माध्यम से अब सरकार की योजनाओं को गांव गांव तक पहुंचाएंगे। हमारा फोकस अब 2023 में कांग्रेस की सरकार को फिर से बनाना है। आगे हम संगठन का विस्तार करेंगे। सत्ता और संगठन में समन्वय से काम करते हुए योजनाओं का जनता तक लाभ पहुंचाने के लिए काम करेंगे