मोदी कैबिनेट ने लगाई ‘कर्मयोगी योजना’ पर मुहर, कार्य प्रणाली में होगा मौलिक सुधार और…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। देश में सरकारी अधिकारियों की कार्यशैली को सुधारने के लिए केन्द्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया। बता दें कि अधिकारियों की कार्यशैली को सुधारने के लिए हाल ही में केन्द्र सरकार ने देश में ‘कर्मयोगी योजना’ को मंजूरी दे दी।

केन्द्र सरकार द्वारा मंजूरी दी गई इस योजना में सिविल अधिकारियों समेत अन्य सरकारी कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी बीच कर्मयोगी योजना को मंजूरी मिलने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सोशल मीडिया पर ट्वीट करते हुए कहा कि मिशन कर्मयोगी से मानव संसाधन प्रबंधन कार्य प्रणाली में मौलिक सुधार तो आएगा ही साथ ही इससे कर्मचारियों की क्षमता बढेगी।

इसके अलावा एक अन्य टि्वट में पीएम मोदी ने बताया कि, मिशन कर्मयोगी का उद्देश्य पारदर्शिता और प्रौद्योगिकी के माध्यम से भविष्य के लिए सरकारी कर्मचारियों को अधिक सृजनात्‍मक, रचनात्मक और नवोन्‍मेषी बनाना है। साथ ही आईजीओटी प्लेटफ़ॉर्म कार्य-आधारित मानव संसाधन प्रबंधन और निरंतर ज्ञान के लिए परिवर्तन सक्षम करेगा। बता दें कि इस योजना से डिजिटल लर्निंग फ्रेमवर्क यानि आईजीओटी-कर्मयोगी करीब 2.5 करोड़ सिविल सेवकों को लाभ मिलेगा। बता दें कि ये योजना सक्षम नेतृत्व क्षमता निर्माण पर आधारित है।

इस योजना की कई मुख्य विशेषताएं है जिनमें है..एचआर काउंसिल का गठन किया जाएगा। जिसका कार्य मिशन के तहत नियुक्ति पर निर्णय लेना होगा। नीतिगत सुधारों के लिए क्षेत्रों की पहचान करना। साथ ही सहकारी और सह-साझाकरण के आधार पर क्षमता निर्माण सहित और भी कई विशेषताएं है। यह योजना सरकार के दृष्टिकोण पर आधारित है कि आज के समय में एक सिविल सेवक कैसा होना चाहिए।