मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कहा आयुर्वेद प्राचीन पद्धतियों में से एक है, बिना आईसीएमआर की अनुमति के दवा को बाजार में उतारना उचित नहीं…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क।  राजस्थान के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा आयुर्वेद विभाग द्वारा प्रदेश में किए जा रहे कार्यों के बारे में गुरुवार को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आयुर्वेद पद्धति को बढ़ावा देने की हर संभव कोशिश कर रही है। कोरोना महामारी जैसी बीमारी की रोकथाम के लिए आयुर्वेद विभाग में आम लोगों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए 18 लाख से ज्यादा लोगों को काढा वितरित किया है। इस दौरान प्रदेश चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि हम पतंजलि को राज्य में अपनी एंटी-कोरोना दवा बेचने की अनुमति नहीं देंगे।  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) से मंजूरी मिलने के बाद हम तय करेंगे कि यह दवा लोगों को दी जाएगी या नहीं।

चिकित्सा मंत्री डॉ शर्मा ने बताया कि प्रदेश में आयुर्वेद विभाग ने मई महीने में गिलोय रोपण अभियान ‘अमृता’ भी चलाया। जिसके तहत प्रदेश में 1.50 लाख गिलोय के पौधे लगाए गए हैं। डॉ शर्मा ने बताया कि आयुर्वेद प्राचीन चिकित्सा पद्धतियों में से एक है, जो कि इम्यूनिटी बढ़ाने में कारगर है। इसे इम्यून बूस्टर तो कहा जाता है लेकिन इसे दवा मानना सही नहीं होगा। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से निपटने के लिए वैक्सीन बनाने में भारत समेत दुनिया के तमाम देश जुटे हुए हैं लेकिन बिना आईसीएमआर की अनुमति के किसी भी दवा को बाजार में उतारने और लोगों को देना उचित नहीं होगा।