भीलवाड़ा कोरोनावायरस की दूसरी लहर अब पूरी तरह से यमराज बनकर काल के रूप में आमजन पर टूट रही है लगातार पॉजिटिव रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी के साथ-साथ अब मौतों का सिलसिला भी शुरू हो गया है और कोरोना से मरने वालों की संख्या भी भीलवाड़ा शहर सहित जिले में बढ़ने लगी है और नगर विकास न्यास

भीलवाड़ा में इस भयावहता के बीच ही न्यास मे 70% अधिकारी और कार्मिक कोरोना से संक्रमित है लेकिन आश्चर्य की बात है कि फिर भी यूआईटी खुली हुई है ? और काम हो रहा है ऐसी स्थिति में कहीं ऐसा ना हो कि संक्रमण का बड़ा विस्फोट हो जाए ?

कोरोना संक्रमण की भयावहता को देखते हुए राजस्थान सरकार ने जारी की गाइड लाइन में स्पष्ट दिशा निर्देश दिए थे कि केंद्र सरकार से संबंधित कार्यालय ही या फिर कोविड-19 को लेकर संचालित कार्यालय ही नियमित

खुलेंगे और उनमें भी उपस्थिति 50 फ़ीसदी ही होगी बाकी अन्य सभी कार्यालय बंद रहेंगे अर्थात उनमें छुट्टी रहेगी लेकिन आश्चर्य की बात है कि भीलवाड़ा यूआईटी मे कोविड से सबंधित कार्य का कहीं दूर-दूर तक नाता नहीं है

और सबसे बड़ी ताजुब की बात यह है कि यूआईटी के सचिव और अधिकारी सहित करीब 70 फ़ीसदी कार्मिक और उनका परिवार पॉजिटिव है और कुछ लोग पॉजिटिव होने के बाद भी वह छिपा रहे हैं और उनका यूआईटी में आना-जाना लगातार बना हुआ है ।

ऐसे में सवाल ये उठता है सरकार की गाइडलाइन के तहत यूआईटी को अब तक बंद क्यों नहीं किया गया ? क्या भीलवाड़ा कलेक्टर के कार्यालय अधीक्षक का आज कोरोना से निधन जैसी घटना का इंतजार किया जा रहा है यूआईटी में भी ?

अगर अब भी यूआईटी को सैनिटाइजर करा कर के बंद नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में बड़े संक्रमण फैलने की संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता ।

आखिर यूआईटी को क्यों खुला हुआ है कौन से आमजन के काम यूआईटी में अभी हो रहे हैं जो इसे खोला जाना बहुत जरूरी है ?