भीलवाड़ा कोरोना महामारी को लेकर कोहराम मचा हुआ है और इंसान पत्थर की तरह अपनी इच्छा से छोड़ रहा है और इस दौर में हर इंसान को अपनी जान अब प्यारी लगने लगी है लेकिन इस दौर में भी ऐसे कलयुगी बैठे हैं जिन्होंने पिता की मौत के बाद उनकी चिता भी ठंडी नहीं हुई और चिता पर ही संस्थान में संपत्ति को लेकर संग्राम कर डाला एक दूसरे की जान लेने पर उतारू हो गए जिसे बेशर्मी की हद कहा जाए या इंसानियत की पराकाष्ठा ।जी हां ऐसा ही सब कुछ हुआ है भीलवाड़ा शहर के उपनगर सांगानेर में स्थित श्मशान में जहां सांगानेर निवासी प्रताप राव का निधन हो जाने के बाद धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों के अनुसार जो वर्षों से चली आ रही परंपरा है के तहत निधन के तीसरे दिन श्मशान में अस्थियां एकत्र की जाती है और उन्हें फिर पवित्र सरोवर मैं विसर्जन किया जाता है ।इसी अस्तियां एकत्र करने के किए आज दिवंगत प्रतापराव के 3 पुत्र पप्पू राव ,धर्म सिंह और रघुनाथ सिंह श्मशान में पहुंचे जहां अस्थियां एकत्रित करने से पहले ही पप्पू राव ने जो कि अपनी मौसी के गोद यानी कि दत्तक पुत्र के रूप में चला गया है ने पिता की संपत्ति से अपना हिस्सा मांगा और इसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हो गया झगड़े की नौबत यहां तक पहुंच गए ।कि तीनों भाई एक दूसरे की जिंदगी समाप्त करने पर उतारू हो गए लेकिन गनीमत यह रही कि शमशान में ही अन्य व्यक्ति का दाह संस्कार करने आए कुछ लोगों ने इन भाइयों को बड़ी मुश्किल से बीच बचाव करने का प्रयास किया ।लेकिन यह तीनों भाई एक दूसरे के जैसे खून के प्यासे हो गए तब सूचना मिलने पर सांगानेर में स्थित सुभाष नगर थाने की पुलिस चौकी का स्टाफ मौके पर पहुंचा और इन तीनों भाइयों को बड़ी मुश्किल से समझा-बुझाकर शांत किया खबर लिखे जाने तक इस संबंध में पुलिस थाने में कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ था ।श्मशान में पिता की चिता पर संपत्ति को लेकर तीनों भाइयों में चढ़े संग्राम कावीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है ।