सरहद पर तैनात भारत व पाकिस्तान के सुरक्षा बलों की सोच में कितना अंतर है इसकी बानगी शुक्रवार को बाड़मेर जिले में सीमा पर देखने को मिली। गलती से भारतीय सीमा में पहुंचे 8 साल के एक पाकिस्तानी बच्चे करीम को बीएसएफ ने खाना खिला शाम तक वापस पाकिस्तान को सौंप दिया। वहीं, कुछ महीने पहले गलती से सीमा पार चले गए बाड़मेर के एक युवक को पाकिस्तानी सेना ने जेल में डाल रखा है। पाकिस्तान की हठधर्मिता के कारण इस युवक को वापस लाने के अब तक किए गए प्रयास विफल रहे हैं। बाड़मेर में पाकिस्तान से सटी सीमा पर शुक्रवार शाम 5 बजे गश्त लगा रहे बीएसएफ के जवानों ने भारतीय सीमा में एक बच्चे को रोता हुआ देखा। वे बच्चे को अपने साथ ले आए और चौकी पर लाकर उसे खाना खिलाकर प्यार से चुप कराया। 8 साल के बच्चे ने अपना नाम करीम बताया। उसने बताया कि वह पाकिस्तान के थारपारकर जिले के नागरपारकर तहसील का रहने वाला है। उसके पिता का नाम दमन खान है। बकरियां चराते हुए वह रास्ता भटक गया और भारतीय सीमा में पहुंच गया। इसके बाद बीएसएफ के अधिकारियों ने पाकिस्तानी रेंजर्स को सूचना देकर शाम सात बजे फ्लैग मीटिंग की। इस मीटिंग में करीम को रेंजर्स के हवाले कर दिया गया। यहां से जाते समय करीम बहुत खुश नजर आ रहा था।