रतलाम कोरोनावायरस संक्रमण की दूसरी ओर से चारों ओर हाहाकार मचा हुआ है तथा हर आदमी खौफ के साए में जी रहा है लेकिन फिर भी इंसान लापरवाही करने से नहीं चूक रहा है और कार्यक्रम करने से भी नहीं रुक रहा है शादियों का सीजन चल रहा है और कोरोना की डर के साए के बीच भी लोग शादियां कर रहे हैं।साहेब ने पीपीपी सूट पहनकर ही क्यों न शादी करनी पड़े ऐसे ही शादी रतलाम में कल संपन्न हुई जान दूल्हा दुल्हन और पंडित सहित पूरे परिजनों ने पीपी टैंकर पुलिस और तहसीलदार की मौजूदगी में शादी के बंधन में बंधे और फेरे लिए ।रतलाम निवासी और इंदौर में बतौर इंजीनियर आकाश बोरासी की शादी रतलाम की रहने वाली नेहा से तय हुई 26 अप्रैल को दोनों की शादी संपन्न होनी थी शादी के कारण ही वह इंदौर से रतलाम आया हुआ था और 14 अप्रैल को है जांच के दौरान पॉजिटिव आने पर जिला प्रशासन ने उसको होम आइसोलेट करते हुए उसको घर में कैद कर दिया और पूरे आसपास के एरिया को कंटेनमेंट क्षेत्र अर्थात कर्फ्यू लगा दिया ।लेकिन पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत उसकी शादी 26 अप्रैल कोई होनी थी और नियमों को तोड़ते हुए कंटेनमेंट क्षेत्र अर्थात कर्फ्यू वाले इलाके मे अपने घर से निकल कर चुपचाप शादी समारोह स्थल पर पहुंच गया।इसकी खबर जब जिला प्रशासन को मिली तो पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी वहां पहुंच गए तथा शादी रोकते हुए कार्यवाही की तैयारी कर ली लेकिन दूल्हे के परिजनों ने प्रशासन से विनती की कि आज शादी हो जाने दीजिए क्योंकि इसकी अर्थात दूल्हे की दादी की तबीयत खराब है और वह कभी भी दम तोड़ सकती है और उनकी आखिरी इच्छा है कि वह अपने पोते की शादी देख ले इस पर प्रशासन ने शर्त रखी की शादी तभी होगी जब दूल्हा-दुल्हन पंडित सहित परिजन पीपीई किट पहनकर इस विवाह को जल्दी से जल्दी निपटा लें इस शर्त को परिजनों ने मान लिया ।तहसीलदार तथा पुलिस की मौजूदगी में आकाश और नेहा ने दुल्हन के बेस और शेरवानी की जगह पीपीई किट पहने तथा पंडित ने भी पीपीई कीट पहना और परिजनों ने भी पीपीई किट पहनकर शादी में शामिल हुए पंडित में रिती रिवाज से फेरे करवाएं और इस तरह आकाश व नेहा पीपीई कीट जोड़े में ही विवाह बंधन में बंधे इस शादी को लेकर रतलाम शहर में अच्छी खासी चर्चा का दौर बना हुआ है।