जयपुर|Mahima Jain:देश के हालात बत से बत्तर हो चले है तमाम पार्टिया सीर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगी है ,नीति आयोग की ओर से पहली बार गरीबी सूचकांक रिपोर्ट जारी होने के बाद बिहार-झारखंड और यूपी के हालातों पर सियासत तेज हो गई है। लेकिन राजस्थान में भी गरीबी के आंकड़े चौंकाने वाले हैं। कुल आबादी के मुकाबले 29.46 फीसदी प्रदेशवासियों को गरीबी में गुजर बसर करना पड़ रहा है। गरीबी में बिहार 51.91% के साथ पहले, झारखंड (42.16%) दूसरे और यूपी (37.79%) तीसरे नंबर पर है।

download 2

राजस्थान का देश में 8वां स्थान है। शहरी क्षेत्र में 11.52% और ग्रामीण क्षेत्र में 35.22% आबादी गरीब है। उदयपुर में भी आधी आबादी गरीब है। यह प्रदेश में 5वें स्थान पर है। बाड़मेर 56.13% के साथ गरीबी में टॉप पर है। जयपुर में यह आंकड़ा 15.48% होने से स्थिति बेहतर है।एमपीआई में स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन के स्तर का मूल्यांकन किया गया।

गरीबी की हकीकत जानने के लिए पोषण, बाल-किशोर मृत्यु दर, प्रसव पूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा के वर्ष, स्कूल में उपस्थिति, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पीने के पानी, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते आदि 12 बिंदुओं का भी आकलन किया गया है। बिहार में कुपोषित लोगों की संख्या सबसे अधिक है। इसके बाद झारखंड, मप्र, यूपी और छत्तीसगढ़ का नंबर है।तोह वही राजस्थान में 35% आबादी के पास तो घर ही नहीं है।