प्रदेशभर में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर बढ़ती जा रही है। रविवार को जोधपुर जिले में 1695, कोटा में 1116 व उदयपुर 1001 में कोरोना के नए केस सामने आए हैं। भास्कर ऐसी तस्वीरें प्रकाशित नहीं करता है, लेकिन हालात की गंभीरता दिखाने के लिए कोटा के माेक्षधाम की इन फोटो को प्रकाशित किया जा रहा है।काेटा में हालात पूरी तरह अनकंट्राेल हाे चुके हैं। रविवार को दो अनचाहे रिकॉर्ड बने। पहला- जिले में 1116 नए कोरोना पॉजिटिव मिले, जो अब तक एक दिन में मिलने वाले मरीजों की सर्वाधिक संख्या। दूसरा- 13 मरीजों की मौत हो गई। अब तक कोटा में एक दिन में इतने ज्यादा मरीजों की मौत नहीं हुई थी। इसके अलावा मेडिकल कॉलेज में 7 कोरोना सस्पेक्टेड की मौत हुई। इससे पहले 9 अगस्त 2020 और 8 दिसंबर 2020 काे 4-4 मौतें हुई थी।

पिछले साल सर्वाधिक माैतें अगस्त में 39 हुई थी, जबकि पिछले 18 दिनाें में ही 37 माैते हाें चुकी हैं। इससे पहले शनिवार काे काेटा में 1149 काेराेना पाॅजिटिव मरीज आए थे। रविवार को दादाबाड़ी क्षेत्र में सर्वाधिक 300 से अधिक मरीज आए हैं। महावीर नगर में 200 से अधिक, बाेरखेड़ा में 150 और रेलवे कॉलोनी क्षेत्र में 150 से अधिक मरीज सामने आए हैं। रविवार काे जिनकी मौत हुई उनमें से अधिकांश लाेग 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले थे। सरकारी रिकाॅर्ड में इस महीने काेराेना से 37 मौत हुई हैं। जबकि किशाेरपुरा मुक्तिधाम, किशाेरपुरा इलेक्ट्रिक शवदाह गृह, केशवपुरा मुक्तिधाम में 18 दिनाें में 70 से अधिक शवों का कोविड प्रोटोकॉल से अंतिम संस्कार हो चुका है। इसके अलावा शहर के अन्य मुक्तिधामाें व कब्रिस्तानाें में भी इन दिनाें अधिक शव आ रहे हैं। अब ताे इन सभी मुक्तिधामाें में भी वेटिंग चल रही है।
इलेक्ट्रिक शवदाह गृह में अंतिम संस्कार के लिए कम से कम डेढ़ घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। किशाेरपुरा इलेक्ट्रिक शवदाह गृह के आंकड़े देखे ताे हर दिन औसत 7 शव वहां आ रहे हैं। इसमें से 3 शव काेराेना प्रभावित हाेते हैं। कभी-कभी यह संख्या डेढ़ गुना हाे जाती है। रविवार दाेपहर यहां 1 काेराेना पाॅजिटिव का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, दूसरा शव प्लेटफार्म पर रखा थी और तीसरा एंबुलेंस में था।
व्यवस्था में जुटे ओमप्रकाश बताते हैं कि एक शव का अंतिम संस्कार करने में डेढ़ घंटे लगते हैं। दाे अंतिम संस्कार करने के बाद मशीन काे ठंडा करने के लिए बंद करना पड़ता है। किशाेरपुरा मुक्तिधाम में व्यवस्था कर रहे माेईन खान का कहना है कि एक-एक प्लेटफार्म पर दाे की जगह 5 से 6 चिताएं लगानी पड़ रही हैं। केशवपुरा मुक्तिधाम समिति के प्रेमनारायण बताते हैं कि रविवार को रात 8.30 बजे तक काेराेना पाॅजिटिव शवों का अंतिम संस्कार किया गया।