Pali: पाली जिले के बाली थाना पुलिस सहित प्रदेश के 5 थानो की संयुक्त पुलिस ने एटीएस की मदद से नाकेबंदी के दौरान भीलवाडा पुलिस पर 4 जगह फायरिंग कर दो जवानो की हत्या कर फरार होने वाले तस्कर व हत्यारो मे से दो जनो को गिरफ्तार करने मे सफलता हासिल कर ली है ।

दोनो आरोपियो खो भीलवाडा लाया जा रहा है ।

भीलवाड़ा में 10 अप्रैल को तस्करों की फायरिंग से पुलिस के दो जवानों की मौत के मामले में आरोपी फरार चल रहे हैं। देर रात शनिवार को इन संदिग्धों के एक रोडवेज बस में होने की सूचना पर एटीएस ने बाली थाने के सामने पांच थानों की पुलिस के साथ हथियारबंद नाकाबंदी की गई। पुलिस ने संदेह के आधार पर दो युवकों को पकड़ा।

इनके पास जो डोंगल मिला है, वह फायरिंग संदिग्धों के नम्बरों में से था।
पुलिस अधीक्षक कालूराम रावत ने बताया कि भीलवाड़ा में 10 अप्रैल की रात पुलिस पर फायरिंग के संदिग्धों के मोबाइल नम्बर की लोकेशन एक रोडवेज बस से आ रही थी। इस पर पाली जिले के बाली, फालना, सांडेराव, सुमेरपुर व पाली पुलिस की स्पेशल टीम ने बाली थाने के सामने हथियारबंद नाकाबंदी करवाई।

पुलिस ने एक रोडवेज बस से दो युवकों को पकड़ा। उनके पास से एक डोंगल व मोबाइल जब्त किए गए। दोनों युवकों ने उदयपुर परीक्षा देने जाने की बात कही। पकडे गए यूवको मे एक सुनील डूडी व दूसरा उसका साथी है ।

पुलिस का कहना है कि युवकों को सडक़ पर एक संदिग्ध डोंगल मिला था, उसे वे उठा लाए।

यह डोंगल फायरिंग संदिग्धों के नम्बरों का बताया जा रहा है, जो पुलिस के राडार पर था। नाकाबंदी में बाली पुलिस उपाधीक्षक हिमांशु जांगिड़, बाली थानाधिकारी बलभद्रसिंह, सुमेरपुर थानाधिकारी रविंद्रसिंह ख्ंची सहित पुलिस अधिकारी मौजूद थे। इधर, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि नाकाबंदी में भीलवाड़ा पुलिस भी शामिल थी, जो युवकों को लेकर भीलवाड़ा रवाना हुई है।

दूसरी और यह बात सामने आ रही है की एसओजी, एटीएस और भीलवाड़ा पुलिस की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन जोधपुर जैसलमेर की बॉर्डर स्थित सरहद मारवाड़ खारा दमानियों की ढाणी में चलाया। जहां आरोपी सुनील डूडी छुपा हुआ था ।आरोपी सुनील डूडी ने जहां पुलिस पर फायरिंग की तो वहीं पुलिस ने भी लगभग खई राउंड फायर किए बताते बै। इसके अलावा सुनील डूडी को भगाने के लिए पुलिस की टीम की आंखों में रात्रि में टॉर्च से फोकस भी डाला गया लेकिन पुलिस के जांबाज अधिकारियों व जवानों ने अथक प्रयास करके आरोपी सुनील डूडी को दबोच लिया। लेकिन वास्तविकता क्या है यह तो खुलासे के बाद ही स्पष्ट होगा ।