पीएम मोदी और सीएम गहलोत ने विवादास्पद पत्रिका गेट का किया लोकार्पण, जानिए पत्रिका समूह का काला सच…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। विवादास्पद गेटवे ऑफ राजस्थान (पत्रिका गेट) का प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्चुअल समारोह में लोकार्पण किया। पत्रिका गेट के लोकार्पण में प्रदेश के राज्यपाल कलराज मिश्र और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद रहे। लेकिन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की उपस्थिति में हुए पत्रिका गेट एक विवादास्पद गेट हैं, जिस पर पहले ही विवाद चल रहा था। लेकिन अब पीएम मोदी और सीएम गहलोत ने इस विवादास्पद गेट का लोकार्पण कर दिया।

जैसा कि आप जानते हो राजस्थान पत्रिका राज्य का प्रमुख समाचार पत्र है। राजस्थान पत्रिका के प्रमुख गुलाब कोठारी है। जबकि उनके पुत्र नीहार और सिद्धार्थ कोठारी प्रबन्ध निदेशक हैं। इसी बीच बता दें​ कि पत्रिका समूह ने जयपुर के प्रमुख स्थल जवाहर सर्किल पर गेटवे ऑफ राजस्थान के नाम से एक दरवाजा बनाने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण से निजी भागीदारी योजना के तहत मंजूरी ली थी। यह गेट जवाहर सर्किल के एंट्री प्वाइंट पर बनना था। जिससे एयरपोर्ट से आने और जाने वाले लोग और पयर्टक राजस्थानी शैली के बने दरवाजे से होकर निकले और उसका दिदार कर सके।

लेकिन पत्रिका समूह ने तय एमओयू व नियमों के विपरीत जाकर ना केवल जवाहर सर्किल गार्डन प्वाइंट पर सड़क व पार्क की जमीन पर विशाल दरवाजे का निर्माण कर लिया। इसकी सरकार व सक्षम एजेन्सी से स्वीकृत नहीं ली। साथ ही दरवाजे पर विज्ञापन प्रदर्शित करने और व्यायसायिक गतिविधियां संचालन का अधिकार भी प्राप्त कर लिया। इतना ही नहीं पत्रिका समूह के इस गैर कानूनी कृत्य के खिलाफ शहर के एक जागरूक नागरिक ने राजस्थान हाईकोर्ट में जनहित याचिका डीबी सिविल रिट संख्या 13250/2010 दायर की थी।

याचिका आज भी राजस्थान हाईकोर्ट में लंबित चल रही है। याचिका के अनुसार पत्रिका को दरवाजा बनाने से पहले एमएनआईटी व टाऊन प्लानिंग से मंजूरी लेनी थी, लेकिन यह मंजूरी नहीं ली गई। हाईकोर्ट में पत्रिका समूह ने इस जगह का व्यावसायिक उपयोग नहीं करने की अंडरटेकिंग भी दे रखी हैं। यह दरवाजा सभी नियम और कानून की अवहेलना करके बनाया गया है। पत्रिका समूह ने इसका नाजायज फायदा उठाकर पत्रिका गेट का निर्माण कराया। ऐसे में इस विवादास्पद गेट को ध्वस्त कर देना चाहिए।