जयपुर | Mahima Jain: रानी कमलापति स्टेशन के बाद रेलवे उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के गांधीनगर स्टेशन को भी विश्व स्तरीय बनाने के लिए चुना गया है। हालांकि इससे पहले उदयपुर स्टेशन को भी पीपीपी मोड पर विकसित करने की योजना बनाई गई है लेकिन अभी इस दिशा में कोई काम आगे नहीं बढ़ सका है।ऐसा इसलिए क्योंकि इसे विकसित करने की जिम्मेदारी रेलवे के पीएसयू इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (आईआरएसडीसी) के पास थी।

आईआरएसडीसी को हाल ही में भंग कर दिया गया है। इसके बाद अब गांधीनगर स्टेशन के साथ उदयपुर स्टेशन को भी जोनल रेलवे के कंस्ट्रक्शन विभाग द्वारा विकसित किया जाएगा।पूरे प्रोजेक्ट की निगरानी रेलवे के जीएम विजय शर्मा, प्रिंसिपल सीएओ (सी) बृजेश गुप्ता, डीआरएम/जयपुर नरेंद्र और डीआरएम/अजमेर नवीन परसुरामका करेंगे। रेलवे का कहना है कि इस प्रोजेक्ट को 2023 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाएगा।

150 करोड़ का होगा खर्चा

योजना में 150 करोड़ की लागत का अनुमान है। फिलहाल इसे लेकर योजना बनाना शुरू कर दिया गया है। कुछ टेंडर भी इस माह के अंत तक होंगे। गुरुवार को डीआरएम नरेंद्र, सीसीएम मदन देवड़ा, सीनियर डीसीएम मुकेश सैनी, सीनियर डॉ डीओएम राकेश, कुमार सीनियर डीएसटीई किशन स्वरूप, सीनियर डीईई ओमप्रकाश, डिप्टी सीएसटीई (सी) संजीव बाचरा, आरपीएफ कमांडेंट यतीश मणि ने स्टेशन का दौरा किया। योजना के मुताबिक, स्टेशन बिल्डिंग टोंक रोड की ओर शिफ्ट होगी।

एंट्री/एग्जिट गेट बदले जाएंगे। प्लेटफॉर्म 1 पर आरपीएफ थाना भी प्लेटफॉर्म 2 पर शिफ्ट होगा। अगर कोविड की स्थितियां सामान्य रहीं, तो दिसंबर तक काम शुरू होगा। गौरतलब है कि गांधीनगर ही देश का दूसरा रेलवे स्टेशन बना था जहां का पूरा प्रबंधन महिला स्टाफ के जिम्मे है

उदयपुर स्टेशन को मध्यनजर रखते हुए होगा विकास कार्य

इस स्टेशन पर निर्माण कार्य पूरा करने की डेडलाइन अभी निर्धारित नहीं की गई है। गांधीनगर और उदयपुर स्टेशन की प्रस्तावित अत्याधुनिक बिल्डिंग का उद्घाटन एकसाथ भी हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि अभी उदयपुर में इस दिशा में कोई भी काम वास्तविकता के धरातल पर नहीं उतर सका है। ऐसे में दोनों स्टेशनों पर विकास से जुड़ा निर्माण कार्य एक साथ शुरू होकर साथ ही पूरा किया जाएगा। इस कारण दोनों स्टेशनों का उद्घाटन भी एक साथ किया जा सकता है।