दिल पर वार करता रहा काले दिन का काला फैसला: महबूबा मुफ्ती

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। करीब चौदह महीने के बाद मंगलवार को जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को हिरासत से रिहाई मिल गई है। रिहा होते ही महबूबा मुफ्ती ने ऐलान किया है कि अनुच्छेद-370 की बहाली के लिए फिर से संघर्ष शुरू करेंगी।

पूर्व जम्मू कश्मीर मुख्यमंत्री मुफ्ती ने रिहा के बाद एक मैसेज किया कि, मैं एक साल से ज्यादा समय के बाद रिहा हुई हूं। इस दौरान 5 अगस्त 2019 के काले दिन का काला फैसला हर पल मेरे दिल और रुह पर वार करता रहा। मुझे अहसास है कि ऐसी ही स्थिति जम्मू-कश्मीर के तमाम लोगों की रही होगी। हम में से कोई भी शख्स उस दिन की बेइज्जती को कभी भूल नहीं सकता।

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने से एक दिन पहले 4 अगस्त की रात को ही महबूबा मुफ्ती को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद से ही वे नजरबंद थीं। 6 फरवरी को महबूबा की हिरासत की अवधि समाप्त होने से पहले ही उन पर पब्लिक सेक्युरिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। इसके बाद उनकी नजरबंदी की अवधि बढ़ गई। साथ ही बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला और उमर अब्दुल्ला को मार्च में ही रिहा कर दिया गया था। इसके बाद लगातार महबूबा को रिहा करने की मांग उठ रही थी। बता दें कि पिछले साल अनुच्छेद 370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।