Isfurti Singh – जयपुर जिले के जमवारामगढ़ में मनरेगा कार्यों के अंतर्गत एक तालाब की खुदाई में करीब 750 साल पुराने चांदी के 82 सिक्के मिले है। चार दिन पहले मिले इन मध्यकालीन सिक्कों का पुरातत्व विभाग ने निरीक्षण किया। इसमें सामने आया है कि 82 सिक्कों में से 6 बड़े सिक्के दिल्ली सल्तनत के शासकों के समय के है। इनमें तीन सिक्के गयासुद्दीन बलबन (1266-1287) और तीन सिक्के मुईजुद्दीन कैकूबाद (1287-1290) के शासन काल में उपयोग में आते थे।

पुरातत्व विभाग के मुद्रा विशेषज्ञ प्रिंस कुमार उप्पल, सर्किल अधीक्षक सोहनलाल चौधरी ने इन सिक्कों का जमवारामगढ़ के ट्रेजरी विभाग कार्यालय में निरीक्षण किया। इन सिक्कों की फोटोग्राफी भी की गई। मुद्रा विशेषज्ञ प्रिंस कुमार के मुताबिक ये सभी सिक्के चांदी के बने हुए है। इनमें चांदी की मात्रा थोड़ी कम है। काफी सिक्कों पर सल्फेट का जमाव है, जिन्हें रासायनिक उपचार की आवश्यकता है।

प्रिंस कुमार ने बताया कि जमवारामगढ़ तहसील में खेड़ावास गांव में तालाब की खुदाई में 2 जनवरी को मिले इन 82 में से 76 चांदी के छोटे सिक्के रणथम्भौर के चौहान वंशीय शासक जैत्रसिंह काल के हैं। इन छोटे सिक्कों में चांदी व तांबा भी मिश्रित है।दिल्ली सल्तनत शासकों के सिक्कों पर अरबी के स्पष्ट आलेख हैं। वहीं, रणथंभौर के चौहान वंश के शासक महाराजा जैत्रसिंह के शासन काल में चलन में आए सिक्कों में अग्रभाग पर शेर वाम देखते हुए स्पष्ट रुप से अंकित है। साथ ही दूसरी तरफ पृष्ठ भाग पर देवनागरी लिपि में ‘जैतसी देवा’ लिखा हुआ है।