जयपुर|Mahima Jain:जयपुर मे बढ़ रहा डेंगू का कहर दिनों-दिन ,कैसेस में हो रहा इजाफा ,चिकित्सा विभाग छुपा रहा आकड़े, अब आलम ये हो गया है कि घर-घर में डेंगू के मामले मिलने से लोगों के दिल-दिमाग में खौफ है। आरोपों से घिरे चिकित्सा विभाग आंकड़ों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहा है। और रोकने के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे है। जयपुर में एडीज एजिप्टाई मच्छर के काटने से फैलने वाले डेंगू के अब तक 3800 पॉजिटिव मिलने पर विभाग भी चिंतित है। इनमें से पांच की मौत हो चुकी है।

जयपुर जिले का कोटपूतली नम्बर 1 पर

नवंबर माह के 21 दिन में ही डेंगू के 1500 से ज्यादा मरीज मिलने चिकित्सा विभाग की ओर से किए गए इंतजामों और दावों की पोल खोल दी है। हालांकि मामले तो अधिक है, लेकिन चिकित्सा विभाग सिर्फ एलाइजा जांच को ही कन्फर्म मानता है। जयपुर शहर के टॉप-5 क्षेत्रों में मानसरोवर, सांगानेर, वैशाली नगर, और झोटवाड़ा है। जहां पर मच्छरों ने लोगों पर हमला कर बीमार कर दिया है। जयपुर जिले के कोटपूतली में डेंगू के 727 पॉजिटिव मिलने पर पहले नंबर पर है। इसके लिए न केवल चिकित्सा विभाग बल्कि नगर निगम भी जिम्मेदार है।

carousel mosquito

डेंगू का खतरा कब बढ़ता है

डॉक्टरों के अनुसार जब कोई मच्छर, डेंगू वायरस से संक्रमित व्यक्ति को काटता है, तो वायरस मच्छर में प्रवेश कर जाता है। फिर जब संक्रमित मच्छर दूसरे व्यक्ति को काटता है, तो वायरस उस व्यक्ति के रक्तप्रवाह में प्रवेश करके उसे संक्रमित कर देता है। एक बार डेंगू से संक्रमित रह चुके व्यक्ति को अगली बार भी संक्रमण हो सकता है।

एक्पर्ट्स की क्या राय

  1. मौसमी बीमारियों के हिसाब से की जाने वाली गतिविधियों के कैलेंडर की पालना।
  2. सीएचसी से लेकर जिला अस्पतालों में एलाइजा जांच सुविधा।
  3. बीमारी का आउटब्रेक होने पर जिला स्तर पर दवा, जांच और इलाज के लिए कमेटी गठित।
  4. नगर पालिका, नगर परिषद, नगर निगम की ओर से फोगिंग व साफ-सफाई के लिए विशेष योजना बनाना।
  5. जिले के कलेक्टर मॉनिटरिंग व बीमारी रोकने के लिए सीएमएचओ और अन्य विभागों के साथ मिलकर पुख्ता इंतजाम।
  6. जयपुर स्थित द्रव्यवती जैसी नदी में मच्छरों को पनपने से नहीं रोकना।