कोरोना (Corona) के मामले बढ़ने के बाद राजस्थान सरकार ने 30 अप्रैल तक के लिए नई गाइडलाइन (New Guidelines)जारी कर दी है। नई गाइडलाइन में राजस्थान के सभी शहरों में शाम 6 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू लगाने का फैसला किया है। शहरी क्षेत्रों में शाम 5 बजे से बाजार बंद करने होंगे। सरकारी दफ्तर 4 बजे तक ही खुलेंगे। आपातकालीन सेवाओं को छोड़ 100 से ज्यादा कर्मचारियों वाले सरकारी और निजी दफ्तरों में 50% से ज्यादा कर्मचारी नहीं आ सकेंगे, आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। सभी कोचिंग, स्कूल, कॉलेज और लाइब्रेरी सहित शैक्षणिक संस्थान बंद होंगे। गृह विभाग ने नई गाइडलाइन जारी कर कड़ी पाबंदियां लगाई है। नई गाइडलाइन (New Guidelines) 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से लागू होगी।
शादी और निजी आयोजनों में 50 से ज्यादा लोग नहीं आ सकेंगे। सभी तरह के सार्वजनिक कार्यक्रम, धार्मिक आयोजन, रैली, जुलूस पर रोक लगा दी गई है। रेस्टोरेंट में 50% बैठक क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठा सकेंगे। सिनेमा हॉल, थियेटर, जिम, मल्टीप्लेक्स बंद रहेंगे।

बता दें कि, बसों सहित हर सार्वजनिक परिवहन के साधनों में 50% सीटों पर ही यात्री बैठा सकेंगे। बसों में खड़े हाेकर यात्रा करने पर रोक रहेगी। निजी वाहनों में तय क्षमता से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकेंगे। प्रदेश में
कोरोना के मामले लगातार बढ़ने के साथ सरकार ने लॉकडाउन तो नहीं पर लॉकडाउन जैसी पाबंदियां लगाने की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री (CM) ने पाबंदियों पर चर्चा के लिए बुधवार दोपहर को धर्मगुरुओं, सभी दलों के विधायकों, नेताओं और सामाजिक संगठनों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Video Conferencing) की

मुख्यमंत्री लॉकडाउन (Lockdown) लगाने से मना कर चुके हैं, लेकिन लॉकडाउन (Lockdown) की तरह लोगों से व्यवहार करने की अपील की है। पिछले दिनों विशेषज्ञों ने जो सुझाव दिए थे, उन्हीं के आधार पर गाइडलाइन (Guidelines) में पाबंदियां लगाई हैं।
सरकार ने नई गाइडलाइन तो बुधवार को जारी कर दी लेकिन उपचुनाव का प्रचार खत्म होने के अगले दिन यानी वोटिंग से ठीक पहले दिन शाम से लागू होंगी, तब तक कल आखिरी दिन सभाएं, रैलियां हो जाएंगी। नई गाइडलाइन में सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों-राजनीतिक सभाओं, रैलियों, धार्मिक, राजनीतिक जुलूसों, त्योहारों के आयोजनों पर रोक लगाई गई है। बता दें कि, नई गाइडलाइन 16 अप्रैल को शाम 6 बजे से लागू हो रही हैं। 15 अप्रैल की शाम को तीनों सीटों पर प्रचार बंद हो जाएगा और गणगौर का त्योहार भी मना लिय जाएगा, गणगौर की सवारी भी निकल जाएगी। उसके बाद सभी तरह के सार्वजनिक आयोजनों पर पाबंदी लग जाएगी।