जनमत को बेचने वाले, भ्रष्ट, विश्वासघाती “शैतान” की हार, स्वस्थ लोकतंत्र के लिए बेहद जरूरी: मुहम्मद मुजफ्फर सिद्दीकी

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रवक्ता मुहम्मद मुजफ्फर सिद्दीकी बबलू ने आज जारी अपने वक्तव्य में कहा कि देश के चुनावी इतिहास में संभवत यह पहली बार हुआ है कि किसी निर्वाचन क्षेत्र में “शैतान” को हराने के लिए दोनों दल एकजुट हैं और सत्तारूढ़ पार्टी ने भी चुनाव परिणाम की परवाह किए बिना इस बात की अपील की है कि सांवेर की सीधी-सादी और “साधु” जनता के वोट को बेचकर, जनमत का सौदा करने वाले उस विश्वासघाती “शैतान” को चुनाव हराना ही लोकतंत्र की सच्ची जीत होगी। जो न केवल बिकाऊ और गद्दार है बल्कि जो इस प्रदेश में कोरोना फैलने और उससे हुई सैकड़ों नागरिकों की मौतों का भी जिम्मेदार है। स्वस्थ लोकतंत्र के लिए भाजपा द्वारा विज्ञापन के माध्यम से ऐसे “शैतान” को हराने की अपील पूरी तरह से स्वागत योग्य है।

सिद्दीकी ने कहा कि यह बात पूरी तरह से सत्य है कि जब सांवेर की “साधु” जनता, अपने चुने हुए जनप्रतिनिधि और तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री से यह अपेक्षा कर रही थी कि प्रदेश में कोरोना के कहर को रोकने के लिए, वह अपने पूरे अमले के साथ कोई ठोस और सार्थक प्रयत्न करेगा। तब सांवेर सहित पूरे प्रदेश के नागरिकों के जीवन को दांव पर लगाते हुए वह “शैतान” बेंगलुरु में बैठ कर, सांवेर के साथ ही कई अन्य सीटों के जनमत का सौदा कर, प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात करने में लिप्त था। उसके इस षड्यंत्र में हफ्तों लग गए, जिससे सांवेर सहित प्रदेश के सभी हिस्सों में कोरोना का भीषण संक्रमण फैला। जिसके फलस्वरूप हजारों लोग बीमार हुए और सैकड़ों लोगों की दर्दनाक मृत्यु हो गई। यह इस प्रदेश का दुर्भाग्य है कि जब उसके “साधु” नागरिक अपने स्वास्थ्य मंत्री से कोरोना को रोकने की गुहार लगा रहे थे। तब वह “शैतान” नागरिकों के जीवन से खिलवाड़ करते हुए रुपयों के लालच में सांवेर की जनता के साथ विश्वासघात कर, उनके जनमत को बेचने के साथ ही, एक चुनी हुई सरकार को गिराने का घिनौना षडयंत्र रच रहा था।

सिद्दीकी ने कहा कि यह भी गौरतलब है कि तत्कालीन विधायकों कमलेश जाटव व रणवीर जाटव द्वारा यह आरोप लगाया गया था कि स्वास्थ्य मंत्री बिना पैसा लिए जनता का कोई काम नहीं करता है और उसका बेटा भी नर्सों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों तक के ट्रांसफरों में दलाली लेता है। निश्चित ही उस “शैतान” को सबक सिखाने का समय आ गया है और अब सांवेर की “साधु” जनता ने यह मन बना लिया है कि ऐसे भ्रष्ट, बिकाऊ और गद्दार “शैतान” को किसी भी कीमत पर, वह दुबारा अपना जनप्रतिनिधि नहीं बनाएगी। सांवेर की “साधु” जनता विश्वास में एक बार जरूर ठगी गई है लेकिन उसे दोबारा ठगने की कोई भी कोशिश और जुर्रत, मूर्खता ही कही जाएगी।

अपने बयान में सिद्दीकी ने आगे कहा की बिकाऊ और गद्दार “शैतान” से सांवेर के सारे “साधु” इन प्रश्नों का जवाब चाहते हैं कि आखिर सांवेर के पिछड़ेपन का कारण क्या है? वहां पर्याप्त संख्या में अच्छी सड़कें, स्कूल और अस्पताल अब तक क्यों नहीं बने? वहां उद्योग धंधे अब तक क्यों नहीं लग पाये? वहां के युवाओं को अब तक रोजगार क्यों नहीं मिल पाया? सांवेर के विकास और जनहित के उपरोक्त कामों की बजाय “शैतान” आखिर किन कामों में लिप्त रहता था? जनता जब उसको फोन लगाती थी तो वह किस कारण से उनका फोन नहीं उठाता था? बिना पैसे लिए वह क्यों जरूरतमंदों के काम नहीं करता था? षड्यंत्रपूर्वक भाजपा की सरकार बनाने के बाद आखिर उसी के भाई को ही क्यों शिक्षा विभाग का अतिरिक्त संचालक बना कर “पुरस्कृत” किया गया? जनमत को बेचने के पहले क्या उसने सांवेर की जनता से एक बार भी इस बारे में पूछा था? जनता के इन जायज प्रश्नों का जवाब उस कृतघ्न और निर्लज्ज “शैतान” को देना ही होगा।

अपने बयान के अंत में सिद्दीकी ने कहा की उमेश शर्मा ने भाजपा का नगर अध्यक्ष न बन पाने की खीझ में और राजेश सोनकर ने सांवेर से अपनी दावेदारी हमेशा-हमेशा के लिए छिन जाने की टीस में “शैतान” को हटाने की जो मार्मिक अपील सांवेर के “साधुओं” से की है, वह पूरी तरह से जायज है। प्रदेश में कोरोना से हुई सैकड़ों मौतों के लिए जिम्मेदार ऐसे भ्रष्ट, बिकाऊ और विश्वासघाती “शैतान” को हराने के लिए कांग्रेस के साथ ही, सांवेर के सभी “साधुओं” ने भी, अपनी कमर पूरी तरह से कस ली है।