चुनाव की तिथि घोषित नहीं, प्रत्याशी रण के लिए तैयार

0
8

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। पालिका चुनाव की अभी तक तारीख का ऐलान नही हुआ है। लेकिन वार्डो की आरक्षण लॉटरी निकलने के साथ ही चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने सार्वजनिक रूप से सोशल मीडिया पर अपने वार्डो से चुनाव लड़ने का दावा ठोकते हुए मतदाताओं से विजयी बनाने की अपील तक जारी करने में जुट गए है। कई दावेदार तो सार्वजनिक दावेदारी बचते हुए वार्डो का सर्वे करने का कार्य भी गुपचुप तरीके से कर रहे है। उनका ध्यान फिलहाल मतदाताओं के बीच जाकर लोगो की नब्ज टटोलने पर लगा है। नगरपालिका के वर्तमान बोर्ड का कार्यकाल अगस्त माह में पूर्ण हो चुका है। अधिशाषी अधिकारी पालिका प्रशासक का कार्य संभाल रहे है। कोरोना महामारी के चलते चुनाव की तारीखों में देरी होने के बाद दावेदारों की निगाहे वार्डवार आरक्षण लॉटरी पर लगी हुई थी। वार्ड आरक्षण लॉटरी निकलने व दिसम्बर व जनवरी माह में स्वयात शासन विभाग की ओर से शेष बची प्रदेश की पालिकाओं में चरणबद्ध तरीके से चुनाव कराने की मंशा सामने आने पर अब यह स्पष्ट हो चुका है कि चुनाव वर्ष 2020 के अंतिम माह व शुरूआत में होना लगभग तय है। चुनाव रणभेरी बजने से पहले वार्डो में बनने वाले दावेदारों की लम्बी फेहरिस्त है तो कई पूर्व पार्षदों के वार्ड आरक्षण में दूसरे वर्ग के लिए आरक्षित होने से उनकी अपने वार्ड में जमीन खिसकने से वह दूसरे वार्ड का चयन करने की प्रक्रिया में लगे हुए है। आर्थिक रूप से सम्पन्न दावेदार ऐसे वार्ड के मतदाताओं की नब्ज टटोल रहे हैं जहां अर्थ का पहिया घूमने पर विजय श्री प्राप्त की जा सके। बगरू नगरपालिका में गत बोर्ड में 25 वार्ड थे। लेकिन अब परिसीमन के बाद पालिका के 35 वार्ड बनने के बाद अब दावेदारों की संख्या भी काफी बढ़ गई है। इस बार पालिका चुनाव को लेकर युवाओं में काफी उत्साह बना नजर आ रहा है। वार्डो से अधिकतर युवाओं चुनाव लडने की दौड़ में सोशल मीडिया पर आगे आ रहे है। इस तरह पालिका चुनाव की तारीखों की घोषणा नही होने के बावजूद आरक्षण की लॉटरी निकलने के साथ ही अब पालिका चुनाव की सरगर्मी दिनोदिन बढ रही है। चाय की दुकान, होटलों, पान की दुकानों सहित सार्वजनिक जगहों पर पालिका चुनाव को लेकर लोगो को चर्चा करते देखा जा सकता है।

फोन पर मांग रहे है समर्थन
पार्षद का चुनाव लडने वाले दावेदार संभावित वार्ड में रहने वाले अपने परिचितों को मोबाईल पर उनके वार्ड से चुनाव लडने की बात कहकर समर्थन जुटाने में लगे हुए है। वार्ड में चुनाव लडने पर की क्या समीकरण रहेगा, कौन दावेदार सामने आ सकते है इस बारे में पूछताछ करने से वह नही चुकते।

टिकट नहीं मिलेगा तो क्या करेंगे
पार्षद का चुनाव लड़ने वाले ऐसे पूर्व पार्षद जो पक्का मानस बना चुके है। वे यह मानते है कि पार्टी स्तर पर उनकों टिकट मिल जाएगा। लेकिन मेल मुलाकात करते समय मतदाता उनसे यह पूछ रहे हैं कि पार्टी ने टिकट नही दिया तो क्या वे निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरेंगे। निर्दलीय चुनाव लड़ने के बारे में ऐसे दावेदार अशांवित होकर कहने नहीं चुकते कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगा तो किसे मिलेगा।