ग्रामीण क्षेत्रों में ग्रेवल सड़के बनी तलैया नहा रहे है मवेशी

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। ग्रामीण क्षेत्रों में क्षतिग्रस्त सड़कों पर बारिश का पानी भर जाने से हालात यह हो जाते हैं कि लोग भगवान से प्रार्थना करते हैं कि हे भगवान अब बारिश थम जाए ताकि कोरोना काल में बीमारी के चलते अस्पताल सही तरीके से पहुंच जाएं..। लेकिन स्थानीय प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की लापरवाही के चलते क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत नहीं कराने पर आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। पंचायत समिति की ग्राम पंचायत डेहरा से झाझडों की ढाणी से आसलपुर जाने वाले डामर सड़क भी कई जगह से इतनी क्षतिग्रस्त हो गई कि यह डामर सड़क कम ग्रेवल अधिक नजर आने लगी है…


हालात यह है कि इन गड्ढों में पानी कितना भर जाता है कि वहां निकालना तो मुश्किल हो जाता है। बल्कि यह तलैया बन जाती है जिनमें भैसे बैठी रहती है। गड्ढों में पानी भर जाता है तो आसपास की ढाणियों में जाने वाले लोगों को बड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। अगर दुपहिया वाहन हो तो साथ में एक अन्य सवारी हो तो पानी में गिर ना निश्चित है। महिलाओं को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने समस्या के समाधान की मांग की है।