जयपुर | Mahima Jain :राजस्थान की गरमाई सियासत में सर्द के मौसम में ओस की बूंदो ने की ठंडक राजस्थान में अशोक गहलोत के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में फेरबदल के तहत 15 विधायकों को आज मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी. इसमें 11 कैबिनेट और चार राज्य मंत्री होंगे. मंत्रिमंडल पुनर्गठन के बाद अब सभी का ध्यान विभागों के वितरण पर है, आज शाम शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सभी मंत्रियों विभाग घोषित होंगे, जिसको लेकर गहलोत एवं माकन कर सारा ‘होमवर्क’ पूरा कर चुके है. आलाकमान के स्तर पर भी इसकी मंजूरी ली जा चुकी है.

सूत्रों के अनुसार विभागों का पुनर्वितरण बड़े पैमाने पर होगा, जनसेवा से जुड़े अधिकांश विभागों के मंत्री आज बदलें जाएंगे. विद्युत, जलदाय एवं जनसेवा जैसे विभागों के बदलेंगे मंत्री. अलबत्ता शांति धारीवाल के विभागों में नहीं होगा कोई परिवर्तन, इस प्रकार से आज गहलोत कैबिनेट का चेहरा नए सिरे से चमकाया जाएगा.

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अब एक नजर डालेंगे कैसा हो सकता है नया मंत्रिमंडल…

गोविंद सिंह डोटासरा, हरीश चौधरी और रघु शर्मा की जगह नए चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी है। दो जाट और एक ब्राह्मण चेहरे को मौका दिया है। डोटासरा और हरीश चौधरी की जगह जाट चेहरों के तौर पर रामलाल जाट, बृजेंद्र सिंह ओला, हेमाराम चौधरी को मौका दिया है।रघु शर्मा की जगह महेश जोशी को बनाया है। हेमाराम, रामलाल जाट और ओला पहले भी गहलोत के साथ मंत्री रह चुके हैं। महेश जोशी गहलोत के शुरू से ही बहुत नजदीक माने जाते हैं और अभी सरकारी मुख्य सचेतक हैं।

वही बसपा से कांग्रेस में आने वालों में राजेंद्र सिंह गुढ़ा काे राज्य मंत्री बनाया है। बसपा से कांग्रेस में शामिल होने वाले छह विधायक ही दावेदारी कर रहे थे, लेकिन बाकी पांच को संसदीय सचिव बनाकर या राजनीतिक नियुक्तियां देकर संतुष्ट किया जा सकता है।

भंवरलाल मेघवाल के निधन के बाद गहलोत सरकार में कोई दलित कैबिनेट मंत्री नहीं है। मास्टर भंवरलाल मेघवाल की जगह दो दलित राज्य मंत्रियों को प्रमोट किया है। गोविंद मेघवाल को कैबिनेट मंत्री बनाया है। गोविंद मेघवाल वसुंधरा राजे के पहले कार्यकाल में संसदीय सचिव रह चुके हैं, बाद में वे बीजेपी छोड़ कांग्रेस में आ गए।

आदिवासी चेहरों के तौर पर महेंद्रजीत मालवीय को मंत्री बनाया है। मालवीय पहले भी मंत्री रह चुके हैं। मालवीय की पत्नी जिला प्रमुख हैं।अल्पसंख्यक वर्ग से जाहिदा को राज्य मंत्री बनाया है।

गुर्जर चेहरे के तौर पर शकुंतला रावत को मंत्री बनाया है। कांग्रेस की अंदरूनी सियासत के लिहाज से गुर्जर चेहरों को मौका मिलने की पूरी संभावना थी। जाहिदा खान पहले संसदीय सचिव रह चुकी हैं। डॉ. जितेंद्र गहलोत के पिछले कार्यकाल में ऊर्जा मंत्री रह चुके हैं।.

सचिन पायलट कैंप से विश्वेंद्र सिंह को छोड़ 4 मंत्री बने हैं। बगावत के समय बर्खास्त किए गए रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह को फिर से कैबिनेट मंत्री बनाया है। हेमाराम चौधरी भी कैबनेट मंत्री बने हैं। बृजेंद्र सिंह ओला को राज्य मंत्री बनाया गया है।