चाकसू राज्य सरकार एवं सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत बहुत ही स्पष्ठ शब्दो मे कह चुके है कि अगर जनता चाहेगी तो ही कोरोना संक्रमण रुकेगा अन्यथा सरकार एवं सिस्टम के हाथ मे कुछ नही है। क्योंकि कोरोना संक्रमण गाँवो में पहुँच चुका है। हर दिन मरीजो का ही नही मौतों का आंकड़ा भी बढ़ रहा है ऐसे में हर आमजन को सोसल डिस्टेंस का पालन करना अनिवार्य है वही पर चाकसू सब्जी मंडी फांसी मार्किट में लगती थी,लेकिन जगह कम होने के चलते प्रशासन ने इसे गणगौरी खेल मैदान में शिफ्ट कर दिया पर चाकसू का आम आदमी इसकी अहमियत को नही समझ पा रहा वह इस खुले मैदान में भी भीड़ के साथ खड़ा दिखाई दे रहा है।

प्रशासन अपना काम कर रहा है तो आम जन का भी कर्तव्य बनता है कि वह प्रशासन के लिये नही अपनी स्वयं और अपने परिवार के लिये सोसल डिस्टेंस का पालन करे। तस्वीरे झूठ नही बोलती कहते है तस्वीर कभी झूठ नही बोलती इसका नजारा गणगौरी मैदान पेश कर रहा है, लम्बा चौडा मैदान होने के कारण सब्जी के दलाल माल सहित दूर-दूर बैठे तथा खरीददारी करने वाले भी प्रोपर सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखे। यह सोच कर मंडी को यहां शिफ्ट किया गया लेकिन यहां पर कही भी सोसल डिस्टेंस का पालन नही हो रहा,लोग लापरवाही से एक दूसरे के साथ सटकर कोरोना को निमंत्रण देते नजर आ रहे है। यह बेपरवाही कितनी भारी पड़ेगी अभी तक हम नही समझ पा रहे है जबकि भुगतान हम कर रहे है। मेले से मजमा -अगर कोई अनजान आदमी सवेरे कस्बे के हाइवे रॉड से निकले तो उसे नगरपालिका के पास स्थित गणगौरी मैदान में मेले सा आभास होता है,बड़ी संख्या में लोग सब्जी बेचने एवं सब्जी खरीदने यहां पहुचते है वही आढ़तियों का सारा स्टाफ मिलकर इतनी संख्या में होता है कि एक छोटे मेले सा नजारा दिखाई देता है।प्रशासन को अविलंब करनी होगी व्यवस्था गोरतलब है की पिछले साल लोक डाउन में मॉनिटरिंग के लिए सरकारी कर्मचारियों की तैनाती भी की गई थी।लेकिन यहां पर सवेरे 6 बजे से 10 बजे तक लगने वाली थोक मंडी में सोशल डिस्टेंसिंग की खुले आम धज्जियां उडाई जा रही है।प्रशासन कस्बे मे तो पूरा ध्यान दे रहा है लेकिन मंडी की उपेक्षा की जा रही है।भीड के पास न तो मास्क नजर आ रहे और न ही उचित दूरी।ऐसे मे कोरोना वायरस के अबाध गति से फैल रहे संक्रमण को कैसे रोक पाएंगे ।प्रशासनिक अधिकारियों को मौके की नजाकत को देखते हुए अविलंब व्यवस्था करनी होगी।

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चाकसू की गणगौरी मैदान मे थोक सब्जी मंडी मे सोशल डिस्टेंसिंग का नही हो रहा पालन।