नई दिल्ली/ कोरोना महामारी से भारत पूरी तरह से जूझ रहा है और वायरस की दूसरी लहर की सुनामी भारत में तबाही मचा रही है देश में संक्रमित रोगियों के लिए जीवन दैनिक संजीवनी ऑक्सीजन गैस और रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कमी को लेकर हाहाकार मचा हुआ है ।ऐसे में भारत के सबसे पुराने मित्र रूस ने भारत को हर हफ्ते लाखों की संख्या में रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की आपूर्ति देने की पेशकश व आश्वासन दिया है । लेकिन दूसरी ओर अमेरिका ने सहयोग करने से इनकार कर दिया है साथ ही वैक्सिंग के लिए कच्चे माल की आपूर्ति तक बंद कर दी है इससे आगामी दिनों में वैक्सीन तैयार करने में भारत को परेशानी आ सकती हैभारत के सबसे पुराने दोस्त ने भारत में ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए भारत सरकार के सामने ऑक्सीजन और रेमडेसिवीर इंजेक्शन देने की पेशकश की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक अगल 15 दिनों में भारत में रेमडेसिवीर इंजेक्शन आना शुरू हो जाएगा।

रूस ने भारत से कहा है कि वो हर हफ्ते 3 लाख से 4 लाख रेमडेसिवीर इंजेक्शन की डोज भारत को आपूर्ति कर सकता है और अगर भारत को और ज्यादा जरूरत होगी तो रूस आपूर्ति बढ़ाने की और कोशिश करेगा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक जल्द ही हवाई जहाजों के जरिए ऑक्सीजन की आपूर्ति रूस से शुरू हो जाएगीअमेरिका के कई सांसदों ने जो बाइडेन प्रशासन से भारत की मदद करने को कहा है। अमेरिका के डेमोक्रेटिक सांसद एड मार्के ने बाइडेन प्रशासन से भारत की मदद करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को चाहिए कि वो फौरन भारत की मदद करे।

सीनेट मार्को ने कहा कि इस वक्त अमेरिका में वैक्सीन काफी ज्यादा मात्रा में है लेकिन अमेरिका भारत की मदद करने से इनकार कर रहा है।सीनेट मार्को ने जो बाइडेन प्रशासन से अपील की है कि संकट की इस घड़ी में अमेरिका अपने संसाधनों के साथ भारत की मदद करे और अमेरिका का ये नैतिक दायित्व भी है।विदित है कि कोरोना के दूसरे लहर के दौरान अमेरिका का रवैया भारत को लेकर नकारात्मक रहा है। अमेरिका ने कोरोना वैक्सीन बनाने का रॉ-मैटेरियल की सप्लाई रोक रखी है, जिसका असर आने वाले वक्त में वैक्सीनेशन पर पड़ सकता है।