नई दिल्ली/ देश में कोरोनावायरस की दूसरी लहर ने कोहराम मचा रखा है और रोजाना इससे संक्रमित रोगियों की संख्या में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हो रही है और पॉजिटिव रोगियों की संख्या के मामले में देश दुनिया में प्रथम नंबर पर आ चुका है अस्पतालों में संक्रमित रोगियों को भर्ती करने के लिए जगह खाली नहीं है ऑक्सीजन की कमी है ऐसे हालात में केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने आज पॉजिटिव रोगियों के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है ।इस गाइडलाइन के अनुसार वे मरीज जिनमें शुरुआती लक्षण हैं या फिर लक्षण नहीं हैं, उन्हें घर पर ही होम आइसोलेशन में रहना होगा और साथ ही उनके संपर्क में आने वाले लोगों को भी होम क्वारंटाइन में रहना होगा । घर में कोरोना संक्रमित व्यक्ति की पूरी देखभाल करनी होगी तथा इसके साथ ही संक्रमित व्यक्ति के परिजनों को लगातार अस्पताल या डॉक्टरों के संपर्क में रहना होगा ।आइए जानते हैं मंत्रालय की नई गाइलडाइन में किन बातों का जिक्र किया गया है…

– जिन मरीजों को HIV, कैंसर और ट्रांसप्लांट हुआ है उनको होम आइसोलेशन में रहने के लिए पहले डॉक्टरों की इजाजत लेनी होगी ।

– जो मरीज 60 साल से ऊपर हैं और कॉमरेडिटी है उनको भी होम आइसोलेशन के लिए डॉक्टरों की इजाजत लेनी होगी ।

– परिवार का जो भी व्यक्ति मरीज की देखभाल करेगा और क्लोज कॉन्टैक्ट में होंगे उनको डॉक्टर की सलाह पर प्रोटोकॉल के हिसाब से HCQ लेना पड़ेगा ।

– होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को ऐसे कमरे में रहना होगा जहां क्रॉस वेंटिलेशन हो और कमरे की खिड़की खुली रहे साथ ही इस बात का ध्यान रखना है कि मरीज हमेशा ट्रिपल लेयर मास्क पहनें और मरीज के मास्क को हर 8 घंटे पर बदलना अनिवार्य है।

– जिस वक्त मरीज की देखभाल करने वाले कमरे में एंट्री करें उस दौरान मरीज और देखभाल करने वाले को N95 मास्क पहनना है। मास्क बदलना है तो उसे 1% सोडियम हाइपोक्लोराइट के साथ मास्क डिसइंफेक्ट करने के बाद ही उसे फेकना है ।

– होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों को ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ भोजन में शामिल करना होगा तथा घर पर रहने वालों को ज्यादा से ज्यादा आराम करने के लिए सलाह दी गई है ।

– ब्लड ऑक्सीजन सेचुरेशन को मॉनिटर करने के लिए प्लस ऑक्सीमीटर का इस्तेमाल करना अनिवार्य कर दिया गया है इसके साथ ही रोजाना हर 4 घन्टे पर टेम्परेचर लेना जरूरी है।

– मरीज को एक कमरे में ही रहना होगा। उसे पूरे घर में घूमने की मनाही होगी । साथ ही मरीज को घर के बाकी सदस्यों से उचित दूरी बनानी होगी। मरीज को इस बात का विशेष ध्यान रखना होगा कि वो बुर्जर्गों और बीमार व्यक्तियों के पास न जाए ।

– मरीज को अधिक से अधिक आराम करना होगा और शरीर में पानी की कमी न हो इसके लिए काफी मात्रा में लिक्विड पीना होगा। मरीज को खांसते और छींकते वक्त विशेष ध्यान रखना होगा। हर वक्त जरूरी गाइलाइनस का पालन करना होगा।

– मरीज को दिन में दो बार गुनगुने पानी से गरारे करने और स्टीम लेने की सलाह दी गई है।

– मरीज को सांस लेने में तकलीफ हो, ऑक्सीजन सेचुरेशन 94% के नीचे हो, सीने में दर्द हो, भ्रम की स्थिति हो तो डॉक्टर की सलाह लें।

– कोरोना के लक्षण सामने आने के कम से कम दस दिन बाद होम आइसोलेशन खत्म किया जा सकता है, वो भी तब जब लगातार तीन दिन से बुखार न हो