कुलरिया परिवार की बहू ने समाज और क्षेत्र में किया नाम रोशन

0
1006

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। शिक्षा के बिना एक आदमी नींव के बिना एक इमारत की तरह है। हमारे जीवन में शिक्षा का बहुत अधिक महत्व होता है। शिक्षा मानव जीवन का अभिन्न अंग है। इसी क्रम को लेकर राजधानी जयपुर की जालसू ग्राम पंचायत में स्थित महेश वास कला गांव की कुलरिया परिवार की बहू ने समाज क्षेत्र और अपने परिवार का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि पूर्व उप जिला प्रमुख नारायण कुलरिया के बड़े भाई मंगला राम कुलरिया की पुत्रवधू भोली देवी पत्नि शिशुपाल कुलरिया ने अब राजकीय सेवा में अपना अहम कदम रखा है। बता दें कि भोली देवी का भूगोल विषय के प्रथम श्रेणी व्याख्याता पद पर चयन होने से समाज क्षेत्र और परिवार में एक खुशी की लहर दौड़ी है। बता दें कि भोली देवी जालसू पंचायत समिति अंतर्गत भीलपुरा गांव के दौला की ढाणी पूर्व उप सरपंच रामेश्वर निठारवाल की बेटी है।

राजनीतिक परिवार में जन्मी और राजनीतिक परिवार में ही मिला ससुराल लेकिन खुद ने सरकारी नौकरी में बनाई पहचान

भोली देवी का जीवन शुरू से ही राजनीतिक परिवार में रहा है। जन्म से ही पिता उपसरपंच तो छोटे भाई की पत्नि सरपंच रही हैं। इतना ही नहीं ससुराल के बाद भी इन राजनीतिक परिवार के साथ ही जीने का मौका मिला है। पूर्व उप जिला प्रमुख नारायण कुलरिया एवं महेश वास कला की पूर्व सरपंच मंगली देवी के जेठ की पुत्र वधू है। हालांकि यह परिवार आज भी किसान परिवार माना जाता है। वरिष्ठ अधिवक्ता तेज पाल कुलरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि कुलरिया परिवार शुरू से ही राजनीति सिरमौर रहा है। आज कुलरिया परिवार की बहू ने शिक्षक भर्ती परीक्षा भूगोल विषय के व्याख्याता पद पर चयनित हुई है। जिससे पूरे परिवार में खुशी की लहर है। साथ ही भाभी को सरकारी नौकरी मिलने पर पूरे गांव में मिठाई बंटवाई गई। भोली देवी ने एक अच्छी गृहणी के साथ शिक्षित महिला का परिचय दिया है। गौरतलब है कि महेश वास कला में अब महिलाओं को भी इससे एक प्रोत्साहन मिलेगा। अभी तक महिलाओं को गृहणी के रूप में जाना जाता था। लेकिन कुलरिया परिवार की बहू ने यह करके दिखा दिया कि महिला एक गृहणी ही नहीं अपितु समाज का आईना भी है। भौली देवी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि मातृ शक्ति देश की सबसे बड़ी शक्ति महिलाओं को घरेलू कार्यो से उपर उठकर शिक्षा के क्षेत्र में आगे आना चाहिए। जिससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान सरकार ने प्रदा पर्था को कम करने का आह्वान इ​सलिए ही किया है कि महिला अब घर से बाहर निकलकर अपना जज्बा दिखाए।