किसान सभा कार्यकर्ताओं व किसान मजदूरों ने उपखण्ड कार्यालय पर किया प्रदर्शन

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। बुधवार को अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी के नेतृत्व में मोदी सरकार द्वारा लाए गए तीनों किसान कानूनों का विरोध करते हुए किसान सभा कार्यकर्ताओं व किसान मजदूरों ने उपखण्ड कार्यालय पर प्रदर्शन कर किसान अधिकार दिवस मनाया व सरकार से मांग करते हुए किसानों ने कहा कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सभी उपज की खरीद का गारंटी कानून बनाने के अधिकार को लेकर व बिजली अधिनियम 2020 को वापस लेने की मांग को लेकर किसान अधिकार दिवस पर पूर्व निर्धारित किसान रैली के कार्यक्रम को मौसम खराबी के चलते व खेती कार्य मैं किसान की व्यस्तता व यूनियन के साथी का निधन होने की वजह से स्थगित करते हुए किसान सभा व निर्माण मजदूर यूनियन पदाधिकारियों के प्रतिनिधि मंडल ने उपखंड कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन दिया गया।

सचिव कमल बागड़ी ने बताया कि यह ज्ञापन किसान अधिकार दिवस पर पूरे देश के अंदर लगभग 273 किसान संगठनों के नेतृत्व में देश का किसान मोदी सरकार द्वारा किसानों की भलाई के नाम पर लाए गए तीनों बिलों के विरोध में सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिसके तहत इटावा में भी किसान सभा इन तीनों बिलों को किसान विरोधी व उसकी खेती को बर्बाद करने वाले व किसान को उसकी स्वयं की जमीन पर पूंजीपतियों का गुलाम बनाने का बहुत बड़ा मोदी सरकार का षड्यंत्र मानते हुए आज प्रधानमंत्री के नाम उपखण्ड अधिकारी इटावा के माध्यम से ज्ञापन दिया गया और सरकार से मांग की गई कि इन तीनों किसान विरोधी कानूनों व बिजली क्षेत्र में निजीकरण को बढ़ावा देने हेतु लाए गए बिजली अधिनियम 2020 को अतिशीघ्र मोदी सरकार वापस ले और देश में राशन प्रणाली को ज्यादा से ज्यादा मजबूत कर सुचारू रूप से चालू रखा जाए। ताकि देश की गरीब आम जनता व मजदूर के सामने भुखमरी जैसे हालात पैदा ना हो जो कि मोदी सरकार की मंशा राशन प्रणाली को व नरेगा जैसे कानून को खत्म करने की है उससे बाज आए।

तहसील अध्यक्ष महेंद्रकुमार सुमन व निर्माण मजदूर यूनियन महामंत्री मुरारी लाल बेरवा ने कहा कि अगर समय रहते मोदी सरकार द्वारा श्रमिक कानूनों में किये गए मजदूर विरोधी संशोधन को व इन तीनों किसान कानूनों को वापस नहीं लेती है तो आने वाले समय में देश का किसान मजदूर अपने अधिकारों की रक्षा हेतु संघर्ष समन्वय समिति के बैनर तले सड़कों पर आकर मजदूरों किसानों के संघर्ष को और ज्यादा मजबूत करेगा। इसी के अंतर्गत हाडोती में भी जल्द ही किसान अधिकार यात्रा निकालने का फैसला किसान सभा ने लिया है। ताकि किसानों को मोदी सरकार द्वारा लाये गए। इन काले कानूनों के प्रति जानकारी हो और उनको अपनी खेती बचाने व अपने अधिकारों की रक्षा हेतु लामबंद करते हुए संघर्ष को मजबूत कर सके। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में माकपा सचिव मुकुट बिहारी जंगम, गुलाब चंद मीणा जोरावरपुरा, नंद किशोर प्रजापत दुर्जनपुरा, बालमुकुंद बैरवा, प्रेम पेंटर, देवीशंकर महावर, राजू भारती, गोपाल लाल महावर व अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।