कल से आरंभ हो रहा पितृपक्ष, भूलकर भी ना करें ये काम नहीं तो…

0
46

मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। हिंदू धर्म में श्राद्ध पक्ष का बहुत महत्व है। बता दें कि बुधवार यानि 2 सितंबर से पितरों का श्राद्ध पक्ष शुरू होने जा रहा है जो 17 सितंबर तक चलेगें। हिंदू धर्म में पितरों को देवी-देवताओं के समान ही विशेष दर्जा दिया गया है। इतना ही नहीं पितरों को इतना आदर दिया गया है कि इनके नाम से पूरा एक पक्ष यानी 15 दिन पूर्णिमा से लेकर अमावस्या तक समर्पित है।

पितरों का आर्शिवाद पाने के लिए श्राद्ध पक्ष में पितरों को तृप्त करने और उनकी आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा, पाठ, पिंडदान का महत्व माना जाता है। श्राद्ध के जरिए पितरों की तृप्ति के लिए भोजन पहुंचाया जाता है और पिंड दान व तर्पण करके उनकी आत्मा की शांति की कामना की जाती है। साथ ही बता दें कि इन 15 दिनों कुछ लोग ​खास नियमों का पालन करते है, ऐसा बताया जाता कि अगर श्राद्ध पक्ष में इन नियमों का पालन नहीं करते तो पितृ नाराज हो जाते है और पितृ नाराज हो जाते है। आइए जानते है क्या है कुछ नियमों के बारें में…

श्राद्ध पक्ष में भूलकर भी मांस, मदिरा का सेवन नहीं करना चाहिए। इसके अलावा इस दौरान लोहे के बर्तनों में खाना बनाना और उन्हें काम में लेना भी वर्जित माना गया है। ऐसी मान्यता है कि लोहे के बर्तन के प्रयोग करने से परिवार पर अशुभ प्रभाव पड़ता है।

साथ ही श्राद्ध पक्ष में प्याज और लहसून भी वर्जित माना गया है। इसके अलावा श्राद्ध पक्ष में संभोग करना भी वर्जित माना गया है। ऐसा करने से पितृ नाराज होते है। साथ ही जिस दिन आपके पितरों का दिन है और आप श्राद्ध कर्म कर रहे हो तो आपको शरीर पर तेल नहीं लगाना है और ना ही इस दिन पान खाना चाहिए। श्राद्ध पक्ष में पिड दान को अच्छा माना गया है।