एक साल पूरे होने पर भी पपला पुलिस की गिरफ्त से दूर, ​आखिर क्यों…

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मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। आज से एक साल पूर्व कुख्यात गैंगस्टर पपला उर्फ विक्रम गुर्जर बहरोड़ थाने की हवालात से भागने में सफल हो गया था। लेकिन आज एक साल पूरा होने के बाद भी पपला गुर्जर राजस्थान पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। लेकिन इस दौरान थाना इंजार्च से लेकर, एसपी, डीएसपी, डीजी, एडिशनल डीजी सहित कई अधिकारियों के ट्रांसफर हो गए। लेकिन अभी तक पुलिस के हाथ से पपला गुर्जर फरार है। ऐसे में एक बार फिर से ये कांड राजस्थान की गहलोत सरकार पर एक नाकामियाबी का धंबा बनता जा रहा है।

राजस्थान पुलिस के इतिहास में कालिख पोतने वाले कुख्यात बदमाश पपला गुर्जर को आज राजस्थान की पुलिस ही नहीं बल्कि तीन राज्यों की पुलिस ढूढ़ने में लगी है। पपला को पकड़ने के लिए पुलिस जवानों के साथ साथ एटीएस, एसओजी और पुलिस एंजेसियों में लगे अधिकारी इस खतरनाक बदमाश को पकड़ने में जुटे है। हालांकि पुलिस इसे पकड़ने के लिए कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है।

लेकिन इस वारदात के बाद से पुलिस छवि पर भी सवाल खड़े दिए है। पुलिस स्टेशन में लिखे स्लोगन आमजन में विश्वास, अपराधियों में भय वाली पुलिस खुद अपने थाने में महफूज नजर नहीं आई और बदमाशों की ताबड़तोड़ फायरिंग की वजह से वो खुद भी डर के मारे छिपते नजर आए। इतना ही नहीं इस दौरान जब बदमाश हवालात में ताबड़तोड़ फायरिंग कर रहे थे, उस समय पुलिस जवानों के हथियारों से एक भी गोली नहीं निकली और बदमाश अपने साथी पपला गुर्जर को आसानी से जेल से छुड़ा कर ले गए। ऐसे में राजस्थान पुलिस भी कटघरे में खड़ी नजर आ रही थी। लेकिन बता दें कि पपला कांड के बाद प्रशासन ने पूरे बहरोड़ थाने को संस्पेंड कर दिया था।

बता दें कि आज से एक साल पूर्व शुक्रवार सुबह प्रदेश के बहरोड़ थाने की हवालात में बंद हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर पपला गुर्जर को उसके साथी ताबड़तोड़ फायरिंग कर भगाकर ले गए थे और उसके बाद से आज तक पपला गुर्जर पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया। हालांकि उसको बहरोड़ जेल से भगाने वाला आरोपी धर्मवीर गुर्जर पुलिस की गिरफ्त में आया गया है। जानकारी के अनुसार धर्मवीर गुर्जर को स्पेशल पुलिस के जवानों ने महेंद्रगढ़ के धूलोटी गांव से गिरफ्तार किया था। बता दें कि धर्मवीर गुर्जर मोस्ट वांटेड अपराधी पपला गुर्जर के गांव खेरोली का ही रहने वाला हैं।

साथ ही बता दें कि पपला गुर्जर राजस्थान पुलिस का ही नहीं बल्कि हरियाणा पुलिस का भी मोस्ट वांटेड अपराधी है। हरियाणा पुलिस ने पपला के सिर पर बड़ा ईनाम भी रखा है। पपला गुर्जर वसूली, किडनैपिंग, डकैती, हत्या, अवैध हथियार रखने सहित कई मामले थाने में दर्ज है। पपला गुर्जर को बहरोड़ कांड से पहले भी उसके साथी कोर्ट पर पेशी के दौरान ले जाते हुए फायरिंग करते फिल्मी अंदाज में छुड़ा ले गए थे।

गृह मंत्रालय पर अब उठने लगे सवाल
एक तरफ पपला गुर्जर की गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, तो दूसरी तरफ प्रदेश में फैल हो रही कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। आए दिन प्रदेश में दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाएं व अन्य आपराधिक घटनाएं सामने आ रही है। तो क्यों न गृहमंत्री इन सब घटनाओं को संज्ञान में लेकर शीघ्र कार्रवाही करे। जिससे प्रदेश की कानून व्यवस्था पर जो सवाल उठ रहे है, वो निराधार साबित हो सके। गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी इसलिए भी अहम बन जाती है। क्योंकि फिलहाल प्रदेश का गृहमंत्रालय राजस्थान के मुखिया अशोक गहलोत के पास ही है।

आइए जानते है आखिर कैसे पपला गुर्जर ने अपराध जगत में अपना कदम रखा…

जानकारी के अनुसार आरोपी पपला उर्फ विक्रम गुर्जर हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में खैरोली गांव का रहने वाला है। वह पहलवानी का शौक रखता था। इस बीच बता दें कि रंजिश में उनके गुरू शक्ति गुर्जर उर्फ दुधिया की कुछ लोगों ने हत्या कर दी। उसके बाद पपला और उसके साथी वीरेंद्र ने अपने गुरू शक्ति गुर्जर की हत्या का बदला लेने की कसम खाई। तब पपला ने जुर्म की दुनियां में कदम रखा और उसके बाद पीछे मुड़कर नहीं देखा।