ग्राम पंचायत आसलपुर से सुबह 8:00 बजे हनुमान जी चौक से गोबर से बने बड़कूले से होलिका दहन के लिए आसलपुर से रवाना हुई शोभायात्रा सिरसी में होगा समापन प्रदेश भर में होलिकादहन का त्यौहार 28 मार्च को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस त्यौहार को लेकर कई दिनों से महिलाएं तैयारियों में जुटी हुई है हिंदू संस्कृति में परंपरा के अनुसार मूल इससे कई दिनों पूर्व में गोबर से बने बड़कूले तैयार किए जाते हैं। इस बार पर्यावरण को शुद्ध रखने और गायों के महत्व को समझाने के लिए सिरसी में गोबर से बने चांद सितारे के आकार के बड़कूले से रस्सी में फूलों की माला बनाकर होलिका में दहन किया जाएगा। इसको लेकर ग्राम आसलपुर में समाजसेवी शिवजी राम कुमावत के नेतृत्व में चौक वाले बालाजी में लड्डू गोपाल संकल्प सिद्धि लक्ष्मी जी, गणेश जी,की प्रतिमा की पूजा अर्चना पंडित मनमोहन शर्मा, सुरेश शर्मा, विष्णु दाधीच ,मनोज कुमार जोशी, सत्यनारायण ने विधि विधान रूप से शोभायात्रा को रवाना किया, इस दौरान कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों के व्यापारियों ने शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत किया आसलपुर गुढ़ा बैरसल,भंदे के बालाजी, उगरियावास, बोराज कई गांवों से होकर शोभायात्रा का समापन पांच्यावाला स्थित हनुमान जी मंदिर में होगा, जहाँ फागोत्सव का आयोजन किया जाएगा वही समाजसेवी शिवजी राम कुमावत ने कहा कि गाय माता हमारी पूजनीय है लेकिन कुछ लोगो के द्वारा दूध निकलने के बाद उन्हें छोड़ दिया जाता है सनातन संस्कृति को भूलते जा रहे हैं, इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को संस्कृति के बारे में जागरूक करना,उन्होंने कहा कि होलिकादहन के बाद जो राख होती है, उसको गाय के दूध और घी में मिलाकर गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को लगाने पर ठीक हो जाते हैं। वहीं उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के चलते सरकार ने जो गाइडलाइन जारी की है, उसकी पालना करते हुए होलिकादहन किया जाएगा।
इस मौके पर एडवोकेट रामलाल कुमावत, सज्जन सिंह राव, अमित जोशी, मुकेश प्रजापत, मोहन कुमावत, केशव, शैलेंदर सिंह, दर्मेंद्र, नरेंद्र शर्मा, रामस्वरूप लम्बा, मस्तराम सेन,राजेश जाजोरा, सहित कई ग्रामीण लोग शोभायात्रा में शामिल रहे।