जयपुर|Mahima Jain:लोगो में अब कानून का डर नहीं रहा है बेखौफ होकर लोग अपनी सारी हदे पार कर रहे है ऐसा ही एक मामला नालंदा के बिहार में देखने को मिला जहा किशोर न्याय परिषद ने एक मासूम के साथ अननेचुरल सेक्स करने के आरोपी को चार्जशीट दाखिल होने के महज 2 दिन के अंदर सजा सुनाई है। इस मामले में 25 नवंबर को चार्जशीट दाखिल की गई थी। घटना नालंदा थाना क्षेत्र की है।

यहां पिछले 8 अक्टूबर को 4 साल के मासूम के साथ गांव के ही एक किशोर ने अननेचुरल सेक्स किया था। परिषद के प्रधान न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्र ने किशोर को तीन साल की सजा सुनाई है।जज ने अपने फैसले में कहा है कि जहां नारी की पूजा की जाती है, वहां देवता निवास करते हैं। इस देश में कुमारी कन्या को देवी का स्वरूप मानकर पूजन की परंपरा आदि काल से चली आ रही है।

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जज ने कहा

नारी के अपमान का बदला लेने के लिए भगवान राम ने दूसरे देश में जाकर रावण को समूल नष्ट कर दिया था। नारी के अपमान का बदला लेने के लिए भाइयों से भी महाभारत जैसा भीषण युद्ध लड़ा गया।ऐसे देश के किशोरों में ऐसी पशु प्रवृत्ति आना, निश्चित रूप से समाज के लिए चिंता का विषय है। ऐसी प्रवृत्ति को रोकने के लिए तथा किशोरों में महिलाओं के प्रति अच्छे संस्कार और सम्मान विकसित करने के लिए हमें अपने समाज में जागरूकता लानी होगी।

चॉकलेट देने के बहाने से किया मासूम के साथ गंदा काम

किशोर न्याय परिषद की सदस्या ऊषा कुमारी ने बताया कि पिछले 8 अक्टूबर को गांव के ही एक 14 साल के किशोर ने 4 साल की मासूम को इमली और चॉकलेट देने के बहाने घर में बुलाकर उसके साथ अननेचुरल सेक्स किया। थाने में मामला दर्ज होने के बाद 25 नवंबर को पुलिस ने अंतिम चार्जशीट दाखिल की थी। 5 गवाहों की गवाही के बाद महज 2 दिनों में जज ने किशोर को सजा सुनाई है।

पाक्सो एक्ट में 1 दिन में सजा सुनाने वाला बिहार पहला राज्य

इससे पहले पाक्सो एक्ट के एक मामले में बिहार की एक कोर्ट ने एक दिन में फैसला सुनाया था। एक दिन में सजा सुनाने वाला बिहार देश का पहला राज्य है। मामला अररिया का था। अररिया में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायालय के न्यायाधीश शशि कांत राय ने बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में एक ही दिन में गवाही भी कराई, बहस भी और अभियुक्त को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा भी सुना दी। यह इसलिए संभव हुआ कि पुलिस और अभियोजन दोनों ने कड़ी मेहनत की।

दोषी पर 50 हजार का जुर्माना भी

अदालत ने दोषी पर 50 हजार का जुर्माना भी लगाया। साथ ही पीड़िता को 7 लाख की प्रतिपूर्ति का भी आदेश दिया। दिलचस्प रहा कि साक्ष्य के लिए तय की गई पहली तिथि 4 अक्टूबर 2021 को अभियोजन के सभी गवाहों जैसे पीड़ित, डॉक्टर, अनुसंधानकर्ता सहित सभी 10 गवाहों को कोर्ट में सुबह 10 बजे पेश कर दिया गया था। कोर्ट ने भी सभी 10 गवाहों की गवाही पूरी की और उसी दिन शाम में सजा भी सुना दी। इस सजा के साथ ही बिहार ने एक दिन में पॉक्सो एक्ट में अंतिम सांस तक के लिए आजीवन कारावास की सजा कराने का राष्ट्रीय रिकार्ड बना दिया है।