जयपुर|Mahima Jain:दिनों-दिन बढ़ रहे लूट-पाट अपहरण जैसे मामले अब चिंता जनक विषय बन चुके है जयपुर में बदमाशों ने मंगलवार रात को एक कलेक्शन एजेंट से मारपीट कर करीब डेढ़ लाख रुपए लूटे। फिर कानोता के पास के ही गांव के सरपंच और पूर्व सरपंच का अपहरण कर भाग निकले। इनमें वर्तमान सरपंच को घटनास्थल से करीब 45 किलोमीटर दूर दौसा जिले में सड़क किनारे पटक दिया। जबकि पूर्व सरपंच को साथ ले गए।

पुलिस ने बताया कि देर रात बदमाशों ने किडनैप पूर्व सरपंच के परिजनों को फोन कर फिरौती के लिए 5 लाख रुपए की डिमांड की। यह पेमेंट ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करने के लिए धमकाया। लूट, अपहरण और फिरौती की सूचना मिलने पर उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, बुधवार को भाजपा के पूर्व विधायक अशोक परनामी सहित काफी संख्या में लोग कानोता थाने पहुंच गए।

लूट, अपहरण और फिरौती की खबर मिलने पर परिजनों के साथ कानोता थाने पहुंचे पूर्व विधायक अशोक परनामी ने एसीपी बस्सी मेघचंद मीणा से मुलाकात की। जल्द ही बदमाशों को पकड़कर किडनेप पूर्व सरपंच मदन गुर्जर की रिहाई की मांग की

लूट, अपहरण और फिरौती की खबर मिलने पर परिजनों के साथ कानोता थाने पहुंचे पूर्व विधायक अशोक परनामी ने एसीपी बस्सी मेघचंद मीणा से मुलाकात की। जल्द ही बदमाशों को पकड़कर किडनेप पूर्व सरपंच मदन गुर्जर की रिहाई की मांग की

बातचीत कर रहे थे अजय सिंह और मदन गुर्जर

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जयपुर-आगरा हाइवे पर कानोता थाना इलाके में बाइक सवार चार-पांच बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से मारपीट कर मोटी रकम लूटी। इसके बाद बदमाशों ने कानोता में ही कार खड़ी कर बातचीत कर रहे सुमेल ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच मदन गुर्जर और वर्तमान सरपंच अजय सिंह की कार लूट ली। हथियारबंद नकाबपोश लुटेरों ने दोनों सरपंचों को कार में पटक लिया। उनका अपहरण कर भाग निकले। कलेक्शन एजेंट की सूचना पर कानोता थाना पुलिस ने लुटेरों की तलाश करना शुरु की। नाकाबंदी भी करवाई। तब तक बदमाश बस्सी टोल से होकर भाग निकले।

पूर्व सरपंच को किडनैप कर मांगी फिरौती

बताया जा रहा है कि बदमाशों ने देर रात वर्तमान सरपंच अजय सिंह को दौसा जिले में सड़क किनारे पटक दिया। जबकि मदन गुर्जर को अपने साथ कार में पटक कर ले गए। अजय सिंह की सूचना पर उनके अपहरण की खबर परिवार और पुलिस तक पहुंची। तब तक पुलिस को वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल मिल गई थी, जो कि लुटेरे कानोता में ही छोड़कर भागे थे। बताया जा रहा है कि मदन गुर्जर के अपहरण के बाद अपहरण कर्ताओं ने उसके परिवार के सदस्यों को फोन किया। उनको पांच लाख रुपए की फिरौती मांगी।