जयपुर|Mahima Jain:प्रदेश में बढ़ रही लगातार लूट-पाट की हत्याओं ने प्रदेश की जनता में दशहत फैला दी है ऐसे में सरकार सिर्फ अपनी चुनावी रैलियों में वयस्थ दिखाई दे रही है प्रदेश की राजधानी जयपुर में लगातार बड़ी वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है कही हत्या तो कही लूट तो कही बलात्कार ऐसे में बड़ा सवाल उठता है की प्रदेश की जनता को कब राहत मिलेगी ऐसी ही एक घटना शहर में हुई जहा एक ज्वलर ने आपसी रंजिश में अपने करीबी रहे जवाहरात कारोबारी की हत्या के इरादे से जानलेवा हमला करवाया। ज्वेलर ने उत्तरप्रदेश के तीन बदमाशों को 90 हजार रुपए की सुपारी देकर जयपुर बुलाया। मामले में नाहरगढ़ थाना पुलिस ने साजिश रचने वाले मास्टरमाइंड ज्वेलर और उसके भाई को गिरफ्तार कर बुधवार को कोर्ट में पेश किया। उनको रिमांड पर लिया है।नाहरगढ़ थाना पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी नमोकार सोनी (24) है। वह चांदपोल बाजार में बाबा हरिश्चंद्र मार्ग में रहता है। वहीं उनकी ज्वैलरी की दुकान है। दूसरा आरोपी आयुष सोनी है। मामले में पुलिस ने नामजद गांधी नगर निवासी खुश भारद्वाज को भी पकड़ा है। वहीं जानलेवा हमला कर फरार हुए बदमाशों की तलाश में पुलिस टीम उत्तरप्रदेश भेजी गई है। हमले में घायल जवाहरात कारोबारी की हालत गंभीर है। वह निजी अस्पताल में भर्ती है।

hqdefault

यूपी से आए बदमाश

जानकारी के अनुसार जवाहरात का व्यवसाय करने वाला सुधांशु जायसवाल उर्फ आशु (24) बाढ़दार का चौक, पुरानी बस्ती में रहता है। संतोषी माता मंदिर के पास मकान नंबर 3398 में उसकी जवाहरात की गद्दी है। 6 दिसंबर को शाम करीब चार बजे वह जवाहरात की गद्दी पर बैठकर काम कर रहा था। तभी तीन बदमाश आए। उनके पास प्लास्टिक के कट्‌टों में लोहे के पाइप थे। बदमाशों ने गद्दी में घुसकर आशु पर जानलेवा हमला कर दिया। उसके सिर व चेहरे पर ताबड़तोड़ वार किए।

अकेले ही बदमाशों से भिड़ गया आशु

आशु ने जान बचाने के लिए अकेले ही बदमाशों से मुकाबला भी किया। लेकिन सिर फटने से वह लहूलुहान हो गया। वह अचेत होकर कमरे में गिर पड़ा। इससे फर्श पर काफी खून बिखर गया। उसे मरा हुआ समझ कर बदमाश भाग निकले। इसके बाद गद्दी में काम करने वाले कर्मचारी ने हमले की जानकारी आसपास के लोगों को दी। तब एडिशनल डीसीपी धर्मेंद्र सागर, नाहरगढ़ थाना प्रभारी देवेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे। घायल आशु को महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया। जहां वह वैंटिलेटर पर है।

हमलावरों को पता बताया, सीसीटीवी से मिला सुराग

पुलिस की प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि हमले में गंभीर घायल आशु उर्फ सुधांशु और आरोपी नमोकार सोनी में गहरी दोस्ती थी। करीब दो महीने पहले से उनके बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई। तब नमोकार ने बदला लेने के लिए उत्तरप्रदेश के बदमाशों से किसी परिचित के मार्फत संपर्क किया। 90 हजार रुपए की सुपारी दी। इसमें 50 हजार रुपए एडवांस भेजकर जयपुर बुलाया।उनको आशु के हाथ-पैर तोड़ने की बात कहकर किसी परिचित के पास ठहरवाया। 6 नवंबर को नमोकार के दोस्त खुश ने दोपहर करीब 2 बजे आशु के घर और जवाहरात गद्दी पर पहुंचकर उसके बड़े भाई संजू से मिलने के बहाने रैकी की। स्कूटी से मकान के पहुंचकर आशु की गद्दी का पता बताया। इसके बाद बदमाशों ने शाम को आशु पर जानलेवा हमला कर दिया।

तब एएसआई मनोज, एएसआई झाबर, कांस्टेबल बंशी व मनोज यादव सहित 10 पुलिसकर्मियों की टीम ने सीसीटीवी फुटेज में संदिग्धों के हुलिए, स्कूटी नंबरों के आधार पर पड़ताल शुरु की। पुलिस ने आशु के बड़े संजू से पूछताछ कर जानकारी जुटाई। तब वारदात में नमोकार और उसके साथियों के शामिल होने की जानकारी मिली और नमोकार, खुश भारद्वाज और आयुष को पकड़ा तब बदला लेने के लिए यूपी के बदमाशों से वारदात का खुलासा किया।