जयपुर|Deepika Jangir: कोरोना की पहली और दूसरी लहर ने जहा एक और पूरे विश्व में त्राहि त्राहि मचाई तो वहीँ कोरोना का नया वेरिएंट अब धीरे धीरे खतरा बनता जा रहा है। कोरोना वायरस का नया वैरिएंट B.1.1.529 (ओमिक्रॉन) दुनिया के सामने एक नई मुसीबत बनकर खड़ा हो गया है. WHO ने इसे लेकर चिंता जाहिर की है और इसे ”वैरिएंट ऑफ कन्सर्न’ के रूप में सूचीबद्ध किया है. दुनियाभर के एक्सपर्ट्स का दावा है कि ओमिक्रॉन जैसे खतरनाक वैरिएंट पर मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज थैरेपी का कोई असर नहीं होता है. इस वैरिएंट की ताकत और लक्षणों को लेकर भी बहुत सी नई बातें सामने आई हैं.

दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य मंत्री जो फाहला के अनुसार, देश में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले पिछले कुछ दिनों में तेजी से बढ़े हैं. पिछले कुछ सप्ताह में हर दिन इसके केवल 200 से अधिक नए मामले आते थे लेकिन शनिवार को यहां एक दिन में 3,200 से अधिक मामले सामने आए जिनमें से अधिकांश मामले गौटेंग प्रांत से थे. मामलों में अचानक से हुई इस वृद्धि को समझने के लिए, वैज्ञानिकों ने वायरस के सैंपल की स्टडी की. प्लेटफॉर्म के निदेशक टुलियो डी ओलिवेरा के अनुसार, गौटेंग में 90% नए मामले ओमिक्रॉन वैरिएंट के थे.

आपको बता दें की दक्षिण अफ्रीका में पाया गया खतरनाक ओमिक्रॉन वैरिएंट अब तक कई देशों में फैल चुका है. शनिवार को जर्मनी, इटली, बेल्जियम, इजरायल और हॉन्गकॉन्ग में इसके नए मामले दर्ज किए गए. ब्रिटेन में भी ओमिक्रॉन के दो मामले सामने आने के बाद मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग और टेस्टिंग को लेकर सरकार हरकत में आ गई है. अमेरिका मे सरकार के शीर्ष इंफेक्शियस डिसीज एक्सपर्ट डॉ. एंथोनी फाउची ने कहा कि इसमें कोई हैरानी वाली बात नहीं होगी अगर अमेरिका में भी ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले देखने को मिल जाए.