Isfurti Singh – इस साल सोने की कीमतें प्रति दस ग्राम 55 हजार रुपए के पार जा सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि ओमिक्रॉन के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। साथ ही महंगाई की भी दर ऊपर जा रही है।

शुक्रवार को सोने का प्रति दस ग्राम भाव 47,900 रुपए था। हालांकि गुरुवार को यह 48 हजार से ज्यादा था। इसके साथ ही चांदी भी गिरावट में आज कारोबार कर रही थी। चांदी 62,160 रुपए प्रति किलो पर थी। इसमें 40 रुपए की गिरावट आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत हालांकि मामूली ऊपर 1,817 डॉलर प्रति औंस पर थी।

अगस्त 2020 में 56 हजार के पार था भाव

2020 में अगस्त में सोने की कीमतें 56,200 रुपए प्रति दस ग्राम थीं। तब से अब तक इसमें 14% से ज्यादा की गिरावट आ चुकी है। जनवरी 2021 से तुलना करें तो इसमें 4% की कमी आई है। डॉलर की तुलना में रुपए की कमजोरी से अंतरराष्ट्रीय कीमत के मुकाबले भारत में सोने का भाव अभी भी 3% कम है।

कोरोना की बढ़ती आशंका से प्रतिबंध शुरू

भारत में कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते प्रतिबंधों का लगना शुरू हो चुका है। ज्यादातर राज्यों ने रात में प्रतिबंध लगाए हैं। नए साल का जश्न फीका पड़ता नजर आ रहा है। यूरोपियन देशों में भी कुछ इसी तरह से प्रतिबंध लगाए जा रहे हैं जबकि अमेरिका में भी मास्क के साथ यात्रा और अन्य पाबंदियां लगाई जा रही हैं।

सोने की कीमतें बढ़ेंगी

जानकारों का कहना है कि सोने की कीमतें आगे चलकर बढ़ेंगी जैसा कि 2020 में कोरोना के पीक का असर देखा गया था। इसी के साथ अमेरिका सहित कई देशों में महंगाई इस समय कई दशकों के उच्चतम स्तर पर है। इससे भी सोने का भाव बढ़ सकता है। जानकारों का कहना है कि 2022 की पहली छमाही में सोने का दाम 1700 से 1900 डॉलर प्रति औंस रह सकता है। दूसरी छमाही में यह 2 हजार डॉलर को पार कर सकता है। इसका मतलब यह हुआ कि भारत में यह 45 से 50 हजार रुपए और फिर 55 हजार रुपए प्रति दस ग्राम के लेवल को यह पार कर सकता है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर एनालिस्ट (कमोडिटीज) तपन पटेल कहते हैं कि अमेरिका में महंगाई और रियल बांड पर ब्याज अभी भी चिंताजनक है। शॉर्ट टर्म में सोने का भाव 1,833 से 1,870 डॉलर प्रति औंस रह सकता है। लंबे समय में यह 1,970 डॉलर को पार कर सकता है।