पावटा।Deepika Jangir: पावटा उपखंड मे घंटाघर चौक के पास स्तिथ सीताराम मंदिर परिसर में नव दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के तीसरे दिन कथा वाचक बालकृष्ण आचार्य ने शिव पार्वती विवाह का वर्णन कर श्रद्धालुओं को निहाल किया। सुंदर-सुंदर भजन से ‘शिव को ब्याहने चले’ ‘भोले की बारात चली सज धज चली’ सहित अन्य पर नाचे झूम श्रद्धालुओं ने आनंद लिया व शिव विवाह प्रसंग का वर्णन सुन मंत्रमुग्ध हो गए।

बालकृष्ण आचार्य महाराज ने बताया कि जब शिव व पार्वती का विवाह होने वाला था तो एक बड़ी सुंदर घटना हुई। उनकी शादी बहुत ही भव्य थी। इससे पहले ऐसी शादी कभी नहीं हुई थी। भगवान शिव जो दुनिया के सबसे तेजस्वी प्राणी थे, एक दूसरे प्राणी को अपने जीवन का हिस्सा बनाने वाले थे। उनकी शादी में बड़े से बड़े व छोटे से छोटे लोग शामिल हुए। सभी देवता तो वहां मौजूद थे ही, साथ ही असुर भी वहां पहुंचे।

आमतौर पर जहां देवता जाते थे, वहां असुर जाने से मना कर देते थे ओर जहां असुर जाते थे वहां देवता नहीं जाते थे। परंतु यह तो भगवान शिव का विवाह था, इसलिए उन्होंने अपने सारे झगड़े भुलाकर एक बार एक साथ आने का मन बनाया। वही शिव पार्वती विवाह का प्रसंग सुन श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस मौके पर बड़ी संख्या मे महिला व पुरुष उपस्थित रहे।