पावटा।Deepika Jangir: जीव को जीवन-मरण के चक्र से हमेशा के लिए छुटकारा पाना है तो उसका सबसे सरल एवं सुगम मार्ग है रामकथा श्रवण एवं सत्संग। यह बात शनिवार को पावटा उपखंड मे घंटाघर चौक के पास स्तिथ सीताराम मंदिर परिसर में नव दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा महोत्सव के शुभारम्भ अवसर पर कथा वाचक बालकृष्ण आचार्य ने कही।

उन्होंने कहा कि देवता भी मानव शरीर प्राप्त करने को तरसते हैं, जब परमात्मा ने कृपा कर हमें मानव शरीर प्रदान किया है तो हमें चाहिए कि हम हर समय उनका स्मरण करते हुए जितना संभव हो रामकथा एवं सत्संग में शामिल होकर मानव शरीर में आने की सार्थकता पूरी करें। इससे पूर्व कथा के शुभारम्भ अवसर पर सुबह भव्य कलश यात्रा निकाली गई। कलश यात्रा ठिकरिया धाम के सन्त रघुवीरदास महाराज व मंदिर महंत दिलीप पुजारी, विशाल पुजारी के सानिध्य व मुख्य यजमान के रूप में पावटा प्रधान प्रतिनिधि जगन चौधरी एवं उनकी धर्म पत्नी द्वारा रामचरित मानस को सिरोधार्य कर केशव सागर धर्मशाला से शुरू करते हुए कथा आयोजन स्थल सीताराम मंदिर परिसर पहुंची।

कथा स्थल पर मुख्य यजमान के रूप में पावटा प्रधान प्रतिनिधि जगन चौधरी एवं उनकी धर्म पत्नी द्वारा विधिवत रूप से व्यासपीठ की पूजा अर्चना की गई। कथा के दौरान पावटा पूर्व सरपंच गोपाल अग्रवाल, राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी सदस्य जगदीश मीणा, कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुरेश शर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता निर्मल पंसारी, भामाशाह दुर्गादत्त भारद्वाज, ब्राह्मण महासभा पावटा महामंत्री चंद्रप्रकाश गौड, गोकुल टेलर, अमरनाथ पटेल, चंद्रमोहन सैन सहित काफी श्रद्धालु उपस्थित थे। वही सुनील बोहरा, नरेंद्र गौड, पावटा आदर्श रामलीला मंडल अध्यक्ष योगेश शर्मा, दीपक भारद्वाज, नवरत्न सोनी, ख्यालीराम गुवारिया ने बताया कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कथा वाचक बालकृष्ण आचार्य के मुखारविंद से राम कथा का वाचन किया जायेगा।