मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। राजस्थान हाईकोर्ट एकलपीठ ने राज्य सरकार से कहा कि तृतीय क्षेणी शिक्षक भर्ती 2018 सेकंड लेवल वेटिंग लिस्ट की नियुक्तियों पर क्यों न रोक लगा दी जाए। 12 फरवरी तक जवाब पेश करे व याचिकार्ताओं की सम्बधित विषय में एक पोस्ट खाली भी रखे। न्यायधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने यह आदेश लेखराज गौड, सुनिल गोदारा व चित्रा द्वारा दायर याचिकाओं पर दिए। याचिकार्ताओं की तरफ से अधिवक्ता कोमल कुमारी गिरी ने अदालत को बताया कि विभाग द्वारा तृतीय क्षेणी शिक्षक पदों के लिए विज्ञापन जारी कर विषयवार आवेदन मांगे गए। याचिकार्ताओं ने दो विषयों मे आवेदन किया व विभाग द्वारा विषयवार रिजल्ट व कट ऑफ जारी कि गई याचिकार्ताओं का एक विषय में चयन हो गया व वर्तमान में तृतीय क्षेणी शिक्षक के पद पर कार्यरत है। पिछले महिने तृतीय क्षेणी शिक्षक भर्ती 2018 के रिक्त पदों पर वेटिंग लिस्ट जारी कि गई। जिसमे संस्कृत विषय कि कट ऑफ से अधिक नम्बर होने के बावजूद याचिकार्ताओं को वेटिंग लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। जबकि उनके कट ऑफ से अधिक नम्बर है साथ ही वेटिंग लिस्ट के बाद जिला आवंटन में कम मेरीट के बावजूद नजदीक जिला अलोट किया गया है। जबकि याचिकार्ताओं के अधिक मेरीट पर भी बाड़मेर, जैसलमेर अलोट किया गया है। इसलिए वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों को अलग विषय से चयन मानकर रिलिव कर मेरीट अनुसार जिला अलोट कर कांउसलिंग में शामिल करे। मामले में सुनवाई कर रहे न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा ने इस तरह से विभाग कि गड़बड़ी पर नाराज होकर राज्य सरकार के अधिवक्ता से कहा कि क्यों न नियुक्तियों पर ही रोक लगा दी जाए? 12 फरवरी तक जवाब दे सरकार साथ ही याचिकार्ताओं के लिए एक पोस्ट खाली रखने के अन्तरिम आदेश भी दिए।