Marudhar Desk: उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा भले नहीं हुई हो, लेकिन नेताओं के दौरे बढ़ गए हैं। बड़ी रैलियां हो रही हैं और इन रैलियों में हजारों की भीड़ भी देखी जा रही है। इस बीच देश में कोरोना वायरस के नए वेरिएंट ओमिक्रोन के मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में यूपी में ऐसे कुछ मामले सामने आए हैं, जिसके चलते यह सवाल उठने लगा है कि क्या यूपी चुनाव से पहले कोराना की नई लहर का असर दिखने लगा ह। उत्तर प्रदेश, पंजाब, गोवा समेत देश के 5 राज्यों में फरवरी-मार्च महीने में विधानसभा चुनाव होने हैं, यूपी चुनाव की तारीखों का भले ही अभी ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन सियासी दलों ने चुनावी रैलियां और रथ यात्रा निकालकर माहौल बनाने में जुटे हैं। नेताओं की जनसभा में काफी भीड़ भी जुट रही है। लेकिन इसी बीच देशभर में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मामले भी तेजी से बढ़ते मामले चिंता का सबब बनते जा रहे है। केंद्र सरकार ने राज्यों से बड़े आयोजनों पर रोक लगाने और नाइट कर्फ्यू जैसे कदम उठाने की सलाह दी है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने भी मोदी सरकार से एक दो महीने चुनाव टालने और सूबे में हो रही चुनावी जनसभाओं पर रोक लगाने की अपील की है। अब उत्तरप्रदेश में कोविड के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए शनिवार 25 दिसंबर से प्रदेशव्यापी रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू प्रभावी किया जाएगा। हर दिन रात के 11 बजे से सुबह 05:00 बजे तक रात्रिकालीन कोरोना कर्फ्यू लागू होगा। इस दौरान शादी-विवाह आदि सार्वजनिक आयोजनों में कोविड प्रोटोकॉल का साथ अधिकतम 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति होगी। वहीं इस कार्यक्रम की सूचना आयोजनकर्ता को स्थानीय प्रशासन को देना भी अनिवार्य होगा। बाजारों में “मास्क नहीं, तो सामान नहीं” के संदेश के साथ व्यापारियों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। सड़कों, बाजारों में हर किसी के लिए मास्क अनिवार्य है। देश के किसी भी राज्य या विदेश से यूपी की सीमा में आने वाले हर एक व्यक्ति की ट्रेसिंग-टेस्टिंग के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बस, रेलवे और एयरपोर्ट पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी।