Jaipur: राजस्थान में भर्ती-परिक्षाओं में नकल, पेपर लीक, धांधलेबाजी की खबरें बेहद आम हो गई है। आए दिन प्रदेश के युवा धांधलेबाजी के खिलाफ सरकार की आंखे खोलने के प्रयास में लगे रहते है। आए दिन भर्ती परिक्षाओं में नकल, पेपर लीक के मामले सामने आने के बाद बेरोज़गार धरने-प्रदर्शन करते दिखाई देते है। लंबे समय से बेरोज़गारों की यही मांग है कि REET, SI, JEN और अन्य बाकी परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच हो। लेकिन इनकी सुनने वाला कोई नही है। अब ऐसे में प्रदेश की सियासत में उबाल तब आ गया जब प्रदेश में हो रही भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से आहत होकर CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट विकास जाखड़ ने राष्ट्रपति को पत्र भेज दिया। राजस्थान में भर्ती परिक्षाओं में हो रही धांधलेबाजी से आहत होकर शौर्य चक्र से सम्मानित CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट विकास जाखड़ ने राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखकर इस्तीफा दिया है। इस मामले के सामने आने के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। बीजेपी सांसद डॉ किरोड़ीलाल मीणा ने इस मामले में एक बार फिर से खुलकर अपनी नाराज़गी जाहिर की है। सांसद किरोड़ी मीणा ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मांग की है कि भर्ती परिक्षाओं में हुई धांधलेबाजी की सीबीआई जांच हो। इसके साथ ही माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के अध्यक्ष डीपी जारोली और पूर्व शिक्षा मंत्री व पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा पर कार्रवाई की जाए। सासंद मीणा ने ट्विट करते हुए लिखा- CRPF के असिस्टेंट कमांडेंट विकास जाखड़ ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डीपी जारोली और आपके प्रिय पूर्व शिक्षा मंत्री और वर्तमान में राजस्थान कांग्रेस के मुखिया गोविंद सिंह डोटासरा से दुखी होकर राष्ट्रपति को इस्तीफा दिया है। मीणा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री जी, मैं लंबे समय से प्रदेश के बेरोजगारों की ओर से आपसे निवेदन करता आया हूं कि REET, SI, JEN व अन्य भर्ती परीक्षाओं में हुई धांधली की सीबीआई जांच हो, धांधली के सबूत भी मैंने मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक किए हैं। सासंद मीणा ने सीएम गहलोत से कहा कि राजस्थान के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार आपके पूर्व शिक्षा मंत्री ने किया है, इसकी लपटें RPSC तक जा रही हैं। मुख्यमंत्री जी आप तो कहते हो कि हर गलती कीमत मांगती है तो प्रदेशाध्यक्ष जी के इस्तीफे में देरी क्यों? CBI से जांच की अनुशंसा में देरी क्यों? सासंद मीणा ने सवाल खड़े करते हुए कहा कि शर्म की बात है कि इतने सबूत मिलने के बावजूद भी मुख्यमंत्री ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष का इस्तीफा नहीं लिया है। कहीं ऐसा तो नहीं कि जारोली की जांच होगी तो आप की सरकार भी गिरने के आसार हों? CBI जांच से डरने का यही कारण तो नहीं है? बता दें कि सासंद किरोड़ी लाल मीणा ने प्रदेश के बेरोज़गारों के लिए लगातार आवाज उठाई है। बेरोजगार युवा भर्ती परिक्षाओं में हुई धांधलेबाजी, नकल प्रकरण को लेकर सासंद मीणा के पास गुहार लगाते है। वहीं, सांसद मीणा भी बेरोज़गार युवाओं की आवाज लगातार सरकार के सामने उठाते आए है।