मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। उत्तराखंड के चमोली में रविवार को ग्लेशियर टूटने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसें में चमोली के तपोवन में ऋषिगंगा पावर प्रोजेक्ट और NTPC प्रोजेक्ट साइट को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। साथ ही जानकारी के अनुसार अब तक अलग-अलग जगहों से करीब 14 शव बरामद किए गए हैं। वहीं बताया जा रहा है कि अभी भी करीब 125 से अधिक लोग लापता हैं। रात में भी बचाव कार्य जारी रहा।

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स्थानीय प्रशासन से लेकर सेना तक अब रेस्क्यू में जुटी है और राज्य-केंद्र सरकार मिलकर काम कर रही हैं। आपदा प्रभावित तपोवन में राहत बचाव कार्य में जुटी आईटीबीपी के अधिकारियों ने बताया कि बड़ी सुरंग को 70 से 80 मीटर तक साफ कर दिया गया है। जेसीबी की मदद से मलबा हटाया गया है। यह सुरंग करीब 100 मीटर लंबी है और लगभग 30-40 कर्मचारी सुरंग में फंसे हुए हैं। उन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। दूसरी सुरंग की तलाश जारी है।

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बता दें कि हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों के लिए राज्य और केंद्र सरकार ने मुआवजे की घोषणा की है। राज्य सरकार चार और केंद्र सरकार दो लाख रुपये की सहयोग राशि देगी। साथ ही संयुक्त राष्ट्र ने आवश्यकता होने पर मदद करने की पेशकश की है। गौरलब है कि उत्तराखड़ के तपोवन में रविवार सुबह करीब 10 बजे ग्लेशियर टूटकर ऋषिगंगा नदी में गिरने के बाद ये हादसा हुआ। इससे बेतहाशा बाढ़ के हालात पैदा हो गए और धौलीगंगा पर बन रहा बांध बह गया। ऋषिगंगा हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट और सरकारी कंपनी NTPC के प्रोजेक्ट तबाह हो गए।