मरूधर बुलेटिन न्यूज डेस्क। देश की राजधानी दिल्ली में एक ओर जहां किसान आंदोलन तेज होता नजर आ रहा है। वहीं दूसरी ओर गुरूवार को समाजसेवी अन्ना हजारे ने 30 जनवरी को आमरण अनशन का ऐलान कर दिया था। लेकिन अन्ना हजारे की इस ऐलान के बाद सरकार हरकत में आई और अन्ना हजारे को मनाने में कामयाब हुई। जानकारी के अनुसार सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कृषि कानूनों के खिलाफ अनिश्चितकालीन अनशन को टालने की घोषणा की है।

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सूत्रों से मिल रही जानकारी के अनुसार बता दें कि शुक्रवार को केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कैलाश चौधरी के साथ महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सामाजिक कार्यक्रता अन्ना हजार से मुलाकात की। इसे मुलाकात के परिणाम सकारात्मक रहे। केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री द्वारा दिये गये प्रस्ताव के बाद अन्ना हजारे मान गये हैं। यही नहीं, अन्ना ने किसानों के हित में सरकार की ओर से उठाए गए कदमों को समर्थन किया है। गौरतलब है कि कृषि कानूनों के खिलाफ वे शनिवार से अनशन करने वाले थे।

गौरतलब है कि इसके पहले सामाजिक कार्यकर्ता हजारे ने हाल ही में गुरुवार को जारी एक बयान में कहा था कि मैं कृषि क्षेत्र में सुधारों की मांग करता रहा हूं, लेकिन केंद्र सही फैसले लेते नहीं दिख रहा है। हजारे ने कहा था कि किसानों को लेकर केंद्र कतई संवेदनशील नहीं है, इसीलिए मैं 30 जनवरी से अपने गांव में अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर रहा हूं। उन्होंने अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए अहमदनगर जिले में स्थित उनके गांव में एकत्र नहीं हों बल्कि जो जहां पर हैं, वहीं से उनका समर्थन करें।