मुंबई में एक विशेष अदालत ने प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट के तहत एक 65 वर्षीय व्यक्ति को अपनी बेटी और नाबालिग नातिन से रेप के लिए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पीड़ित महिला ने अदालत के सामने अपने बयान में कहा कि जब वह 15 साल की थी, तब से उसके पिता उसके साथ यौन उत्पीड़न कर रहे थे। महिला ने बताया कि वह अपनी शादी के बाद अपने माता-पिता के साथ ही रह रही थी। महिला ने बताया कि उसके पिता ने उसे धमकी दी थी कि अगर उसने किसी से भी इसके बारे में खुलासा किया तो वह उसके बच्चों को नुकसान पहुंचाएगा महिला के अनुसार वह अपनी मां के साथ घर का काम करती थी जबकि उसके पिता, भाई और पति चित्रकार थे। महिला ने अदालत को यह भी बताया कि उसने इस यौन उत्पीड़न के बारे में अपने एक पड़ोसी को बताया था, जिसकी बाद में मौत हो गई थी इसके बाद उसने इसके बारे में किसी और को नहीं बताया।