देश में कोरोना की दूसरी लहर बेहद घातक होती जा रही है। देश में कोरोना वायरस के दस्तक देने के बाद से पहली बार सोमवार को एक दिन में मिले कोरोना संक्रमितों की संख्या एक लाख के पार पहुंच गई है। देश में बीते 24 घंटे में एक लाख तीन हज़ार पाँच सौ अट्ठावन (1,03,558) नए कोरोना मरीज मिले हैं और चार सौ अठहत्तर (478) लोगों की कोरोना संक्रमण से मौत हो गई है। इससे पहले, 17 सितंबर, 2020 को देश में सर्वाधिक सत्तानबे हज़ार आठ सौ चौरानबे (97,894) कोरोना के नए मरीज मिले थे, जो देश में एक दिन में मिलने मरीजों की संख्या में सबसे अधिक थी। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी के साथ कोरोना संक्रमण के एक लाख तीन हज़ार पाँच सौ अट्ठावन (1,03,558) नए मामले दर्ज किए गए हैं और चार सौ अठहत्तर (478) मरीज कोरोना से जिंदगी की जंग हार गए। इसी के साथ देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़कर एक करोड़ पच्चीस लाख नवासी हज़ार सड़सठ (1,25,89,067) पहुंच गए हैं और कोविड से मरने वालों की संख्या एक लाख पैंसठ हज़ार एक सौ एक (1,65,101) हो गई। बता दें कि इससे एक दिन पहले, कोरोना संक्रमण के तिरानबे हज़ार दो सौ उनचास (93,249) नए मामले दर्ज किए गए हैं और 513 मरीजों की मौत हो गई।

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देश में मौजूदा समय में कोरोना वायरस की दूसरी लहर चल रही है और ये लहर पहली वाली से ज्यादा खतरनाक बताई जा रही है। वहीं कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच बिहार के सासाराम में कई छात्र सड़क पर उतरे और तोड़फोड़ करने लगे। बता दें कि कोरोना के प्रकोप को देखते हुए बिहार सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थान, स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला किया था, जिसके बाद छात्रों के बीच खासा गुस्सा देखा जा रहा है। कोरोना को लेकर जारी नई गाइडलाइंस के खिलाफ कई छात्र सड़कों पर उतरे और तोड़फोड़ करने लगे। इसके अलावा घटनास्थल पर जिलाधिकारी और एसपी पहुंचे और तनाव को कम करने की कोशिश की। रोहतास के एसपी ने जानकारी दी कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उकसाए जाने पर कुछ लोगों ने यहां उत्पात मचाया और हंगामा किया। उन्होंने बताया कि पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कार्रवाई की जा रही है। जिन तत्वों ने यह उत्पात मचाया है उनके खिलाफ शिकायत दर्ज की जा रही है। इसी के साथ बिहार के कोचिंग एसोसिएशन ने शैक्षणिक संस्थान, स्कूल और कॉलेज को बंद करने के फैसले पर रविवार को आक्रोश जताया था। एसोसिएशन का कहना है कि इससे बिहार की शिक्षा समाप्त हो जाएगी। कोचिंग एसोसिएशन ने इस फैसले के लागू होने के तुरंत बाद बैठक की और बैठक में शामिल सभी शिक्षकों ने सरकार के इस फैसले के खिलाफ आवाज उठाई। शिक्षकों ने कहा कि छात्रों के हितों की रक्षा करने के लिए शिक्षण संस्थान को खुला रखना चाहिए।